The Bonus Market Update: शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन ‘मंगलकारी’ तेजी, सेंसेक्स 544 अंक उछला, निफ्टी 24 हजारी होने के करीब

Lucknow Focus News Desk: भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे कारोबारी दिन तेजी का शानदार और दमदार सिलसिला जारी रहा। टेक्नोलॉजी (IT) और घरेलू मांग वाले सेक्टर्स में घरेलू व विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा की गई चौतरफा खरीदारी के दम पर मंगलवार को बाजार एक बार फिर रिकॉर्ड बढ़त के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स और निफ्टी की इस रफ्तार ने निवेशकों की झोली में तगड़ा मुनाफा डाल दिया है।
मंगलवार को कारोबारी सत्र के अंत में, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का मुख्य सूचकांक सेंसेक्स 544.15 अंकों (0.71%) की मजबूत छलांग लगाते हुए 76,808.48 के ऐतिहासिक स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 135.25 अंक (0.57%) उछलकर 23,989.15 के स्तर पर क्लोज हुआ, जो इसके 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से महज चंद कदम दूर है।
IT और मीडिया सेक्टर्स का रहा दबदबा; ये शेयर रहे आज के ‘सिकंदर’
सेंसेक्स की शीर्ष 30 कंपनियों के विश्लेषण से पता चलता है कि आज आईटी और फाइनेंशियल सेक्टर्स ने बाजार की इस उड़ान को सबसे ज्यादा ईंधन दिया।
टॉप गेनर्स (Top Gainers): आज के कारोबार में एचसीएल टेक (HCL Tech), बजाज फिनसर्व, एनटीपीसी (NTPC), हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और बजाज फाइनेंस के शेयर करीब 2% तक की तेजी के साथ सबसे बड़े विनर साबित हुए।
टॉप लूजर्स (Top Losers): दूसरी तरफ मुनाफे के इस दौर में भी इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo), अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी और टाटा स्टील के शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखा, जिससे ये पिछड़ने वाले शेयरों की सूची में शामिल रहे।
सेक्टोरल अपडेट: आईटी और मीडिया इंडेक्स में आज सबसे ज्यादा हरियाली रही, जबकि फाइनेंशियल और एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर्स ने भी मामूली बढ़त के साथ बाजार को अहम सपोर्ट दिया। हालांकि, मेटल्स, हेल्थकेयर, सीमेंट और फार्मा सेक्टर्स में आज मुनाफावसूली हावी रही, जिसने बाजार की और बड़ी उड़ान पर कुछ हद तक ब्रेक लगाने का काम किया।
ग्लोबल मार्केट्स का हाल: अमेरिकी बाजार में ‘रॉकेट’ जैसी तेजी, एशिया में सुस्ती
भारतीय बाजार की इस शानदार तेजी के विपरीत, एशियाई बाजारों में आज सुस्ती और मिला-जुला रुख देखने को मिला।
एशिया: जापान का टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स 0.2% गिर गया, जबकि हांगकांग के हैंग सेंग (Hang Seng) में 1.2% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
यूरोप व अमेरिका: यूरोपीय बाजार मंगलवार को हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। वहीं, इससे पहले सोमवार को अमेरिकी बाजारों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था, जहां टेक-हैवी इंडेक्स नैस्डैक (Nasdaq) 3.07% की भारी छलांग के साथ बंद हुआ। इसके अलावा अमेरिका का S&P 500 इंडेक्स 1.65% और डॉव जोंस (Dow Jones) 0.92% मजबूत होकर बंद हुआ था, जिसका सीधा सकारात्मक असर आज भारतीय आईटी कंपनियों पर देखने को मिला।
बाजार की इस ‘तूफानी तेजी’ के पीछे का असली ग्लोबल गणित क्या है?
दलाल स्ट्रीट में आई इस तूफानी रिकवरी के पीछे एक बहुत बड़ी भू-राजनीतिक (Geopolitical) राहत मुख्य वजह मानी जा रही है।
अमेरिका-ईरान शांति समझौता: अंतरराष्ट्रीय गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौता होने की राह साफ हो गई है। पाकिस्तान की मध्यस्थता वाले इस समझौते पर आगामी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में औपचारिक रूप से हस्ताक्षर होने की संभावना है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना: इस समझौते से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील एनर्जी ट्रांजिट रूट ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) के फिर से पूरी तरह खुलने की उम्मीद है, जिससे वैश्विक व्यापार में आ रही रुकावटें दूर होंगी।
कच्चे तेल में भारी गिरावट: इस कूटनीतिक सफलता के चलते वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है। ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81.45 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है। भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए क्रूड का सस्ता होना भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए संजीवनी साबित हुआ है।




