बुलंदशहर बना पहला जिला: नरौरा पावर प्लांट लेगा सभी 7,953 टीबी मरीजों को गोद, पोषण और उपचार में करेगा मदद

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां एक ही संस्था ने जिले के सभी ट्यूबरक्लोसिस (TB) मरीजों को गोद लेकर उनके पोषण का जिम्मा उठाया है। बुधवार को इस संबंध में नरौरा परमाणु एटॉमिक पावर प्लांट और स्वास्थ्य विभाग के मध्य एक एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए। इस मौके पर जिलाधिकारी श्रुति मौजूद रहीं।
एमओयू का विवरण और लक्ष्य
जिलाधिकारी श्रुति की अध्यक्षता और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील दोहरे की उपस्थिति में नरौरा परमाणु एटॉमिक पावर प्लांट के निदेशक महेश प्रसाद राठ और जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. हेमंत रस्तोगी ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
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मरीजों की संख्या: वर्तमान में बुलंदशहर में कुल 7,953 क्षय रोगियों को उपचार दिया जा रहा है।
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उद्देश्य: पावर प्लांट इन सभी टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके पोषण और बेहतर स्वास्थ्य लाभ में सहायता करेगा, जिससे टीबी के कारण होने वाली मृत्यु दर को कम किया जा सके।
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पहला कदम: जिलाधिकारी श्रुति ने इस दौरान पाँच क्षय रोगियों को गोद लेकर पोषण किट वितरित भी की।
राज्य क्षय रोग अधिकारी ने की सराहना
राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ. शैलेंद्र भटनागर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नरौरा पावर प्लांट जैसे कुछ और संस्थान यदि आगे आ जाएं, तो निश्चित तौर पर प्रदेश के प्रत्येक टीबी मरीज को राहत मिलेगी और टीबी को खत्म करने में निर्णायक भूमिका अदा करेंगे।
प्रदेश में ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ का प्रदर्शन
डॉ. भटनागर ने प्रदेश में चल रहे टीबी मुक्त भारत अभियान के आंकड़े साझा किए।
| पैरामीटर | डेटा (7 दिसंबर 2024 से 15 नवंबर 2025) |
| जोखिम वाली आबादी की स्क्रीनिंग | 2.45 करोड़ |
| एक्सरे परीक्षण | 67.41 लाख |
| चिन्हित और उपचारित मरीज | 5.45 लाख |
| कुल नॉट परीक्षण | 22 लाख |
| पोषण पोटली प्राप्त करने वाले मरीज | 3.99 लाख |
| टीबी बचाव का उपचार (घरेलू संपर्क) | 4.69 लाख |




