राकेश टिकैत के सिर पर ‘इनाम’ की घोषणा करने वाले शख्स पर केस दर्ज, BKU कार्यकर्ताओं का उग्र प्रदर्शन

Lucknow Focus News Desk: भारतीय किसान यूनियन (BKU) के वरिष्ठ नेता राकेश टिकैत को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक धमकी भरी पोस्ट ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। एक व्यक्ति ने टिकैत का सिर कलम करने वाले को इनाम देने की घोषणा करते हुए वीडियो पोस्ट किया, जिसके बाद मुजफ्फरनगर और मेरठ जिलों में किसानों और यूनियन कार्यकर्ताओं ने तीव्र विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए।
FIR दर्ज, जांच शुरू
यह विवाद तब शुरू हुआ जब अमित चौधरी नाम के एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उसने राकेश टिकैत को देशद्रोही और आतंकवादी बताते हुए, उनका सिर कलम करने पर 5 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की। इस वीडियो के सामने आने के बाद बीकेयू समर्थकों में भारी रोष फैल गया।
मुजफ्फरनगर के सिविल लाइंस थाने में आरोपी अमित चौधरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भड़काऊ बयान देने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। वीडियो की सत्यता की जांच के साथ आरोपी के पीछे की मंशा को लेकर भी पुलिस तहकीकात कर रही है।
BKU कार्यकर्ताओं का सड़क पर प्रदर्शन
सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होने के बाद बीकेयू मुजफ्फरनगर जिला अध्यक्ष नवीन राठी के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की और चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने सख्त कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
वहीं, मेरठ में बीकेयू के जिला अध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जानी थाने का घेराव किया। ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने थाने परिसर में धरना दिया और पुलिस प्रशासन से आरोपी पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस का बयान
दोनों जिलों की पुलिस ने पुष्टि की है कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है, लेकिन अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि यह जांच का विषय है कि अमित चौधरी ने ऐसा भड़काऊ बयान क्यों दिया और इसके पीछे उसकी मंशा क्या थी।
सामाजिक तनाव की आशंका, प्रशासन अलर्ट
इस मामले ने राजनीतिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील माहौल बना दिया है। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए चौकसी बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर भी निगरानी कड़ी कर दी गई है ताकि ऐसी किसी अन्य भड़काऊ सामग्री को समय रहते हटाया जा सके।




