कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज: असली नाम, शिक्षा और भागवत कथा की फीस, जानें क्यों बढ़ीं मुश्किलें?

Lucknow Focus News Desk: प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज एक बार फिर सुर्खियों में हैं। जहाँ वह एक ओर अपने धार्मिक ज्ञान और आश्रम के लिए जाने जाते हैं, वहीं दूसरी ओर वह अपने विवादित बयानों और हालिया कानूनी मामलों के कारण चर्चा में हैं।
असली नाम और जन्म
बहुत कम लोग ही कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज का असली नाम जानते हैं।
असली नाम: अनिरुद्ध राम तिवारी
जन्म तिथि: 27 सितंबर 1989
जन्म स्थान: जबलपुर, मध्य प्रदेश
पारिवारिक पृष्ठभूमि: उनके पिता राम नरेश तिवारी एक मंदिर के पुजारी थे।
अनिरुद्धाचार्य ने स्कूली शिक्षा पूरी होने से पहले ही जबलपुर छोड़कर वृंदावन का रुख किया।
शिक्षा और डॉक्टरेट उपाधियां
वृंदावन आने के बाद अनिरुद्धाचार्य ने अपना ध्यान वेद, पुराण और शास्त्रों के गहन अध्ययन पर केंद्रित किया। उन्हें अमेरिका और दक्षिण अफ्रीका की यूनिवर्सिटी से ‘ह्यूमैनिटी एंड स्पिरिचुअल एजुकेशन’ में डॉक्टरेट की दो विदेशी उपाधियाँ (Double Doctorate) प्राप्त हुई हैं। उनकी शिक्षा मुख्य रूप से धार्मिक और आध्यात्मिक ज्ञान पर आधारित है। वह वृंदावन में स्थित प्रसिद्ध गौरी गोपाल आश्रम के संस्थापक भी हैं।
भागवत कथा की फीस
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य देश-विदेश में भागवत कथा का वाचन करते हैं। उनकी फीस की बात करें तो वह एक दिन की भागवत कथा के लिए लगभग ₹1 लाख से ₹3 लाख रुपये तक की फीस लेते हैं।
विवाद और कानूनी मुश्किलें
अनिरुद्धाचार्य महाराज की पहचान केवल उनके लंबे घुंघराले बाल और माथे पर चंदन का लेप नहीं है, बल्कि उनके कई विवादित बोल भी हैं। उनके खिलाफ हिंदू महासभा की अध्यक्ष मीरा राठौर की याचिका पर मथुरा की एक अदालत ने परिवाद दाखिल करने का आदेश दिया है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। पूर्व में कई कथाओं और मंचों पर उन्होंने ऐसे बयान दिए हैं, जिनके चलते खूब बवाल हुआ। एक कथा में तो उन्होंने यहाँ तक कह दिया था कि “25 साल की लड़कियाँ 4 जगह मुँह मारती हैं।”




