यूपी में नए आधुनिक विधान भवन की तैयारी तेज, LDA को डिजाइन बनाने की जिम्मेदारी

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश में नए और आधुनिक विधान भवन परिसर के निर्माण की प्रक्रिया अब तेज हो गई है। राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को विस्तृत डिजाइन तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। सरकार ने इसके लिए 15 अप्रैल 2026 तक की समय-सीमा तय की है।
सरकार का लक्ष्य है कि लखनऊ में बनने वाला यह नया विधान भवन परिसर आधुनिक सुविधाओं से लैस हो और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाए।
शासन के निर्देश के बाद शुरू हुआ काम
एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने फरवरी 2026 में इस संबंध में निर्देश जारी किए थे। इसके बाद एलडीए ने परियोजना पर काम शुरू कर दिया है।
प्राधिकरण को कहा गया है कि मौजूदा विधायी परिसर के विस्तार, नवीनीकरण और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक अत्याधुनिक डिजाइन तैयार किया जाए। तैयार डिजाइन को अंतिम मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने पेश किया जाएगा। उनकी मंजूरी के बाद परियोजना की फीजिबिलिटी स्टडी और निर्माण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी।
नई संसद की तर्ज पर होगा निर्माण
बताया जा रहा है कि नया विधान भवन देश की नई संसद की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। इसके डिजाइन के लिए अहमदाबाद की उसी कंपनी की मदद ली जा रही है, जिसने नई संसद भवन के डिजाइन पर काम किया था।
यह नया परिसर आधुनिक वास्तुकला का उदाहरण होगा और इसमें डिजिटल तथा पेपरलेस संसदीय कार्यप्रणाली की सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
बजट में पहले ही किया जा चुका है प्रावधान
इस परियोजना के लिए वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में 50 करोड़ रुपये का शुरुआती प्रावधान किया गया था। हालांकि, उपयुक्त जमीन के चयन में देरी के कारण काम की गति धीमी रही।
शहर के बाहरी इलाकों में प्रस्तावित कई जमीनों को प्रशासनिक केंद्र से अधिक दूरी होने के कारण खारिज कर दिया गया। इसी बीच अक्टूबर 2025 में गोमती नगर स्थित ‘सहारा शहर’ की करीब 130 एकड़ जमीन चर्चा में आई, जिसे नगर निगम ने सील किया था। माना जा रहा है कि नया विधान भवन परिसर इसी क्षेत्र के आसपास या किसी अन्य केंद्रीय स्थान पर बनाया जा सकता है।
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