क्या सिर्फ मीठा खाने से होती है डायबिटीज? जानें इसके पीछे के 5 बड़े कारण और बचाव के तरीके

Lucknow Focus News Desk: डायबिटीज को लेकर समाज में कई तरह के भ्रम फैले हैं, जिनमें सबसे आम धारणा यह है कि केवल ज्यादा मीठा खाने से ही यह बीमारी होती है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, मामला इतना सीधा नहीं है। विशेष रूप से टाइप-2 डायबिटीज होने में आपकी समग्र जीवनशैली (Lifestyle) और अनुवांशिक कारण अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
केवल मिठाई छोड़ देने से डायबिटीज से पूरी तरह बचाव नहीं होता, बल्कि रोजमर्रा की कई आदतों में सुधार करना बेहद आवश्यक है।
टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम बढ़ाने वाले मुख्य कारण
वजन अधिक होना और विशेषकर पेट के आसपास जमा एक्स्ट्रा फैट इंसुलिन रेजिस्टेंस का कारण बनता है, जिससे शरीर इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाता।
दिनभर बैठकर काम करना और व्यायाम न करना मांसपेशियों द्वारा ग्लूकोज के उपयोग को प्रभावित करता है, जिससे ब्लड शुगर बढ़ता है।
केवल चीनी ही नहीं, बल्कि अत्यधिक रिफाइंड कार्ब्स, प्रोसेस्ड फूड, अधिक कैलोरी और मीठे पेय पदार्थों का सेवन भी डायबिटीज का खतरा बढ़ाता है।
यदि परिवार या माता-पिता में किसी को डायबिटीज है तो जोखिम बढ़ जाता है, हालांकि एक स्वस्थ जीवनशैली से इस खतरे को काफी हद तक टाला जा सकता है।
मानसिक तनाव और पर्याप्त नींद न लेने से शरीर का हार्मोनल संतुलन बिगड़ता है, जो मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर ब्लड शुगर का स्तर बढ़ा सकता है।
बचाव के आसान उपाय
आहार में फाइबर, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और प्रोटीन शामिल करें।
रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक, योग या एक्सरसाइज करें।
तनाव मुक्त रहें और प्रतिदिन 7-8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद लें।




