उत्तर प्रदेश

वाराणसी: 103वें संकट मोचन संगीत समारोह में बिखरेगी कला की छटा, लखनऊ के भूपेंद्र अस्थाना होंगे शामिल

6 से 11 अप्रैल तक संगीत, साहित्य और आध्यात्म का महासंगम, 2014 से कला को मिला विशेष स्थान, देशभर के दिग्गज चित्रकार और मूर्तिकार करेंगे शिरकत

Lucknow Focus News Desk: सांस्कृतिक राजधानी काशी के विश्वप्रसिद्ध संकट मोचन मंदिर के प्रांगण में 103वां संकट मोचन संगीत समारोह अपनी पूरी दिव्यता के साथ आयोजित हो रहा है। 6 अप्रैल से शुरू हुआ यह छह दिवसीय उत्सव न केवल संगीत के दिग्गजों का मंच है, बल्कि अब यह ललित कलाओं, साहित्य और अध्यात्म के अद्वितीय समन्वय का केंद्र बन चुका है। संकट मोचन फाउंडेशन के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र एवं प्रो. डॉ. विजय नाथ मिश्र के नेतृत्व में इस भव्य आयोजन का सफल संचालन किया जा रहा है।

संगीत के साथ चित्रकला और मूर्तिकला की जुगलबंदी

समारोह की सबसे खास बात यह है कि वर्ष 2014 से इसमें संगीत के साथ-साथ चित्रकला और मूर्तिकला को भी प्रमुखता से जोड़ा गया है। इस वर्ष भी बनारस सहित विभिन्न राज्यों के कलाकारों के लिए विशेष कार्यशालाएं, प्रदर्शनियां और कला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है।

लखनऊ के भूपेंद्र अस्थाना बिखेरेंगे अपनी रेखांकन कला का जादू

लखनऊ के ख्यातिलब्ध कलाकार, क्यूरेटर और कला लेखक भूपेंद्र कुमार अस्थाना को इस गौरवशाली समारोह में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। वे 9 से 11 अप्रैल तक आयोजित होने वाली कला कार्यशाला में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वे अपनी विशिष्ट शैली में एक रेखांकन आधारित (Drawing-based) कृति का सृजन करेंगे, जो संगीत और अध्यात्म के अंतर्संबंधों को प्रदर्शित करेगी।

कला जगत के दिग्गजों का जमावड़ा

इस समारोह में भूपेंद्र अस्थाना के साथ देश के कई जाने-माने कलाकार और समीक्षक भी शामिल हो रहे हैं।

प्रमुख प्रतिभागी: राजेंद्र शर्मा, डॉ. सुनील विश्वकर्मा, सुलेमान, प्रो. उत्तमा दीक्षित, डॉ. संजय कुमार सिंह और राजीब लोचन साहू।

समन्वयक एवं कलाकार: आलोक राय, सुभो सरकार, अनिल शर्मा, मनीष खत्री, प्रवीण पटेल, जयंत सिंह, राजेश कुमार, डॉ. सुरेश जांगिड़, मानती शर्मा, रविशंकर और अक्षत कुमार सिंह आदि अपनी कलात्मक उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

सांस्कृतिक चेतना को नई ऊंचाइयां

संकट मोचन संगीत समारोह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। यहां संगीत की लहरियों के बीच कलाकारों द्वारा बनाई जा रही कृतियां दर्शकों को एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभव प्रदान कर रही हैं। 11 अप्रैल तक चलने वाला यह समारोह कला और संगीत के माध्यम से नई ऊँचाइयों को छूने के लिए तैयार है।

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