उत्तर प्रदेश

राजकीय वाहन चालक महासंघ की बाराबंकी इकाई का गठन, नवगठित कार्यकारिणी ने ली शपथ

Lucknow Focus News Desk: राजकीय वाहन चालक महासंघ उत्तर प्रदेश की बाराबंकी इकाई का गठन रविवार को तहसील नवाबगंज के सभागार में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रिजवान अहमद सिद्दीकी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि प्रदेश महामंत्री जयप्रकाश त्रिपाठी और विकास भवन कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष मुस्तफा खान विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। अतिथियों ने नवगठित जिला कार्यकारिणी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य लेखक अनिल श्रीवास्तव ‘लल्लू’ ने किया। समाजसेवी एवं पत्रकार रत्नेश कुमार ने विशिष्ट अतिथि के रूप में नवगठित कार्यकारिणी को बधाई दी। इस अवसर पर विभिन्न विभागीय इकाइयों के अध्यक्ष, मंत्री और बड़ी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष नंदकिशोर, मंत्री विनोद कुमार, सहदेव सोनकर, सर्वेश श्रीवास्तव और मोहम्मद उस्साक खां की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

कार्यक्रम के दौरान सेवानिवृत्त वाहन चालकों पवन कुमार शुक्ला, चंद्रिका प्रसाद और भग्गन प्रसाद को संगठन की ओर से भावभीनी विदाई दी गई। वहीं महासंघ के पदाधिकारियों ने राजकीय वाहन चालकों से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इनमें राजकीय वाहन चालकों को तृतीय श्रेणी कर्मचारी घोषित किए जाने, वरिष्ठता क्रम के अनुसार वरिष्ठतम विभागाध्यक्षों के वाहनों के संचालन की व्यवस्था तथा आठवें वेतनमान को लागू किए जाने की प्रमुख मांगें शामिल रहीं।

प्रदेश अध्यक्ष रिजवान अहमद सिद्दीकी ने शासन स्तर पर की गई अब तक की कार्यवाहियों की जानकारी देते हुए बताया कि वाहन चालक पदनाम में संशोधन कर ‘वाहन सारथी’ नाम रखने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। उन्होंने वाहन चालकों के हितों के लिए संगठन की प्रतिबद्धता दोहराई।

इस अवसर पर गठित जिला कार्यकारिणी में अनिल कुमार वर्मा को जिला अध्यक्ष, पारस पाठक को उपाध्यक्ष, फूलचंद को जिला मंत्री, विजय कुमार गोस्वामी को संयुक्त मंत्री, गोकर्णनाथ मिश्रा को संगठन मंत्री, राम लखन वर्मा को उप मंत्री, रामनारायण वर्मा को कोषाध्यक्ष, मुनीर अहमद को प्रचार मंत्री, मोहम्मद कामिल को संस्कृति मंत्री, लाल कुमार वर्मा को ऑडिटर तथा सैयद हसन मेहंदी को संरक्षक मनोनीत किया गया। सभी पदाधिकारियों का माला पहनाकर स्वागत किया गया।

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