NRHM Scams UP: एनआरएचएम घोटाले के आरोपी पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव लखनऊ से गिरफ्तार, विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग के खिलाफ योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत जांच एजेंसियों ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की लखनऊ सेक्टर टीम ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) घोटाले के मुख्य आरोपी और श्रावस्ती से पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव उर्फ ज्ञानेंद्र प्रताप श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, पूर्व विधायक के खिलाफ भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज हैं। विजिलेंस की इस अचानक हुई कार्रवाई से राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर हड़कंप मच गया है।
विधायक रहते बनाई ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति — विजिलेंस रिपोर्ट
विजिलेंस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुकेश श्रीवास्तव के खिलाफ थाना सतर्कता अधिष्ठान, लखनऊ सेक्टर में दर्ज मुकदमे की गहन विवेचना की जा रही थी।
जांच का दायरा: जांच में पाया गया कि मुकेश श्रीवास्तव ने 6 मार्च 2012 से 11 मार्च 2017 तक विधायक पद पर रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई: इस अवधि के दौरान उन्होंने अपनी वैधानिक और ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक अनुपातहीन (आय से अधिक) संपत्ति अर्जित की। जांच में प्रथम दृष्टया भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध सिद्ध पाए जाने पर विजिलेंस टीम ने उन्हें गुरुवार को हिरासत में ले लिया।
एनआरएचएम घोटाले सहित कुल 4 मुकदमे हैं दर्ज, श्रावस्ती और बलरामपुर में हुई थीं अनियमितताएं
जांच एजेंसी के मुताबिक, पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव की मुश्किलें केवल आय से अधिक संपत्ति के मामले तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी उनके लिए फंदा बन गया है।
श्रावस्ती और बलरामपुर में हेराफेरी: आरोपी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले के अलावा तीन अन्य गंभीर मुकदमे भी दर्ज हैं। इन मुकदमों में मुख्य रूप से वर्ष 2017-18 से 2021-22 के बीच श्रावस्ती और बलरामपुर जिलों में एनआरएचएम (NRHM) फंड से संबंधित व्यापक वित्तीय अनियमितताओं की जांच की जा रही है।
लगे हैं ये गंभीर आरोप: विजिलेंस ने बताया कि इन मामलों में आरोपी पूर्व विधायक और उनके सहयोगियों के खिलाफ सरकारी धन का बंदरबांट करने, जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप हैं।
विजिलेंस का कहना है कि विभिन्न जिलों में हुई इन कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच अभी भी जारी है, और इस सिंडिकेट में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।




