योग से स्वस्थ जीवन की ओर: लखनऊ में योग सप्ताह का शुभारंभ, डॉ. हाशमी ने किया उद्घाटन

Lucknow Focus News Desk: राजकीय तकमिलुतिब कॉलेज एवं अस्पताल में आज 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” विषय पर सात दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह आयोजन 15 जून से लेकर 21 जून 2025 तक चलेगा, जिसमें विविध प्रतियोगिताएं और गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि, मौलाना आज़ाद मेमोरियल अकादमी के महासचिव डॉ. अब्दुल कुद्दूस हाशमी ने योग के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “योग केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि मन और आत्मा को भी संतुलित करता है। आज जब भारत की 36 प्रतिशत से अधिक आबादी किसी न किसी मानसिक तनाव से जूझ रही है, योग एक प्राकृतिक और प्रभावी उपाय है।” उन्होंने आगे कहा कि नियमित योगाभ्यास न केवल तनाव और अवसाद को दूर करता है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आनंद भी भरता है।

आयोजन की विशेषताएं
सप्ताह भर चलने वाले इस योग महोत्सव में छात्रों के लिए लेखन प्रतियोगिता, भाषण, योग क्विज़, योग आसन प्रदर्शन, वाद-विवाद, पोस्टर व स्लोगन लेखन, रंगोली आदि जैसे रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों का उद्देश्य युवाओं को योग के प्रति जागरूक करना और उन्हें इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करना है।
प्रशिक्षण और अभ्यास सत्र
कार्यक्रम के पहले दिन योग प्रशिक्षक वासुदेव पांडे ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासनों और प्राणायामों का अभ्यास कराया। कॉलेज के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र बड़ी संख्या में शामिल हुए और योग की शारीरिक व मानसिक लाभों की प्रत्यक्ष अनुभूति की। सभी ने एकमत होकर माना कि यह सत्र अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक रहा।

उद्देश्य और आयोजन की दृष्टि
कार्यक्रम के संयोजक और योग नोडल अधिकारी प्रो. डॉ. मणि राम ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य छात्रों और आमजन को योग के वैज्ञानिक और व्यावहारिक पहलुओं से जोड़ना है। उन्होंने कहा, “योग केवल आसनों का अभ्यास नहीं, बल्कि यह जीवनशैली है। हमारी कोशिश है कि हर व्यक्ति योग को अपनी दैनिक आदत बना सके।”
समारोह में उपस्थित अतिथियों का प्रो. डॉ. मणि राम और छात्र-छात्राओं ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। डॉ. हाशमी के प्रेरक भाषण को सराहा गया और इसे योग जागरूकता की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल बताया गया।
इस अवसर पर प्रो. सफिया लोखंडे, डॉ. अब्दुल मलिक, डॉ. बच्चू सिंह और मुहम्मद इकबाल सहित कई गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे।
सात दिवसीय यह आयोजन न केवल योग के सिद्धांतों को समझने का माध्यम बनेगा, बल्कि छात्रों के लिए आत्मचिंतन, स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी का अवसर भी प्रदान करेगा। आयोजकों को उम्मीद है कि यह कार्यक्रम कॉलेज के साथ-साथ व्यापक समुदाय में भी योग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की दिशा में सकारात्मक संदेश देगा।
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