लखनऊ में गोमती की बाढ़ से बढ़ी परेशानियां, फैजुल्लागंज में डूबे मकान और ठप्प बिजली

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थिति गंभीर बनी हुई है। फैजुल्लागंज, लोहरामऊ और दाउदनगर समेत कई तटीय इलाकों में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है, जिससे लोग अपनी गृहस्थी बचाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली और जुगाड़ की नावों का सहारा ले रहे हैं। बाढ़ के बीच बिजली कटौती और चोरी की आशंका से प्रभावित परिवारों की परेशानी और बढ़ गई है। हालांकि, इटौंजा और माल क्षेत्रों में पानी धीरे-धीरे उतरने से ग्रामीणों को राहत की उम्मीद जगी है।
फैजुल्लागंज में जनजीवन अस्त-व्यस्त
चौबे डेरी, मौर्या मार्केट और कृष्ण लोक नगर में मकान पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। कई परिवारों ने रिश्तेदारों या किराये के कमरों में शरण ली है, जबकि चोरी की घटनाओं के डर से कुछ लोग पानी से घिरे छतों/घरों पर रहने को मजबूर हैं। कृष्ण लोक नगर में 3 दिनों से बिजली बंद होने के कारण लोग ₹1,000 प्रतिदिन के किराये पर जनरेटर चलाकर काम चला रहे हैं।
नगर निगम और जनप्रतिनिधियों का राहत अभियान
संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए नगर निगम ड्रोन से एंटी-लारवा का छिड़काव करा रहा है। नगर आयुक्त गौरव कुमार और जनप्रतिनिधियों (भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, विधायक नीरज बोरा) ने क्षेत्रों का जायजा लिया। बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रतिदिन करीब 1,900 खाद्य पैकेट, पका हुआ भोजन और पेयजल बोतलें वितरित की जा रही हैं।
ग्रामीण इलाकों (इटौंजा व माल) में जलस्तर घटा
अकड़रिया खुर्द, लासा, सुल्तानपुर और हीरापुरवा में शुक्रवार से गोमती का जलस्तर कम होने के संकेत मिले हैं। प्रसिद्ध चंद्रिका देवी मंदिर के आसपास करीब 300 दुकानदारों को जल्द व्यापार बहाल होने की उम्मीद है। हालाँकि, खेतों में पानी जमा होने के कारण किसानों की सरसों, मसूर, आलू और चने की अगैती बोवाई प्रभावित हो गई है।




