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INDIA Alliance Rift: ‘पिनराई विजयन को गले नहीं लगाऊंगा’, राहुल गांधी के बयान पर भड़के पूर्व केरल CM, बोले- इससे भाजपा को फायदा

Lucknow Focus News Desk: आगामी राजनीतिक समीकरणों के बीच विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के भीतर की अंदरूनी कलह और मतभेद एक बार फिर खुलकर सामने आ गए हैं। इस बार टकराव का केंद्र बना है केरल, जहां ‘इंडिया’ ब्लॉक के दो प्रमुख घटक दलों कांग्रेस और वामपंथ (माकपा) के बीच जुबानी जंग बेहद तेज हो गई है।

केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन ने शनिवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। विजयन ने राहुल गांधी के राजनीतिक रवैये की कड़े शब्दों में आलोचना करते हुए कहा कि उनका यह दृष्टिकोण ‘इंडिया’ गठबंधन को मजबूत करने के बजाय कमजोर करता है और इससे सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हितों को फायदा पहुंचता है।

क्या था पूरा मामला? राहुल गांधी की टिप्पणी पर विवाद

विवाद की शुरुआत ‘इंडिया’ गठबंधन की एक हालिया उच्चस्तरीय बैठक से हुई। खबरों के मुताबिक, बैठक के दौरान राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा था कि केरल में कांग्रेस और वामदलों (LDF) के बीच जारी गहरी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और जमीनी संघर्ष की वजह से वह मंच पर पिनराई विजयन को गले नहीं लगाएंगे।

राहुल गांधी के इसी बयान पर पलटवार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा “मुझे इस बात से रत्ती भर भी फर्क नहीं पड़ता कि कौन किसे गले लगाता है और किसे नहीं। लेकिन देश की जनता ने संसद और बाहर राहुल गांधी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाते हुए तस्वीरें देखी हैं। मुझे उनके मोदी जी को गले लगाने से भी कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन गठबंधन की बैठक में मेरे लिए कही गई उनकी टिप्पणियां एक खास और नकारात्मक राजनीतिक संदेश देती हैं। इससे साफ पता चलता है कि ‘इंडिया’ गठबंधन के प्रति राहुल गांधी का वास्तविक नजरिया और दृष्टिकोण क्या है।”

अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव ने भी जताई आपत्ति— विजयन का दावा

माकपा (CPIM) के वरिष्ठ नेता पिनराई विजयन ने कांग्रेस को गठबंधन के भीतर अलग-थलग दिखाने का प्रयास करते हुए एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के इस अड़ियल रुख से केवल माकपा ही असहमत नहीं थी। बैठक के दौरान समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव जैसे अन्य बड़े क्षेत्रीय क्षत्रपों ने भी कांग्रेस के इस रवैये के खिलाफ खुलकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं।

विजयन ने तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य का हवाला देते हुए कहा कि लोग आज देख सकते हैं कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) जैसी पार्टियां भी अब किस स्थिति में हैं। मौजूदा हालात पूरी तरह से कांग्रेस और खासकर राहुल गांधी के गैर-लचीले रुख के कारण पैदा हुए हैं।

“भाजपा के हितों को आगे बढ़ा रहे हैं राहुल गांधी”

पिनराई विजयन ने राहुल गांधी की राजनीतिक समझ पर सवाल उठाते हुए कहा कि केरल के हालिया विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी दोनों दलों ने एक-दूसरे पर जमकर राजनीतिक तीर चलाए थे, जो कि राज्य स्तर तक ठीक था। लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा करके राहुल गांधी एक ऐसी स्थिति का निर्माण कर रहे हैं, जिससे अंततः विपक्ष के वोटों का ध्रुवीकरण रुकता है और अनजाने में वे भाजपा की ही मदद कर रहे हैं।

माकपा महासचिव एम.ए. बेबी ने मल्लिकार्जुन खरगे को लिखा पत्र

इस पूरे सियासी घमासान के बीच माकपा के वरिष्ठ नेता और महासचिव एम.ए. बेबी का बयान भी सामने आया है। उन्होंने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि केरल की मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक हकीकत (जमीन पर कांग्रेस और कम्युनिस्ट कार्यकर्ताओं के बीच टकराव) को देखते हुए व्यावहारिक रूप से भी राहुल गांधी का पिनराई विजयन को गले लगाना मुमकिन नहीं था।

एम.ए. बेबी ने बताया कि इस विषय की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने माकपा महासचिव के तौर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को एक आधिकारिक पत्र लिखकर अपनी चिंताएं दर्ज कराई हैं, जिसके कुछ अंश हाल ही में मीडिया में भी लीक हुए हैं।

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