कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, वैश्विक तेजी के बावजूद सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान पर

Lucknow Focus News Desk: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने भारतीय निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी और प्रमुख एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बावजूद, घरेलू शेयर बाजार आज सुस्त शुरुआत के साथ लाल निशान पर खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई।
घरेलू बाजार की शुरुआती स्थिति (सेंसेक्स और निफ्टी)
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारतीय बाजार पर दबाव साफ देखा जा सकता है।
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सेंसेक्स (Sensex): बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 85 अंकों की गिरावट के साथ 77,384 के स्तर पर खुला।
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निफ्टी (Nifty 50): नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 सूचकांक भी 37 अंकों के नुकसान के साथ 24,150 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
वैश्विक बाजारों का हाल: अमेरिका और एशिया में तेजी
भारतीय बाजारों के विपरीत, वैश्विक बाजारों में सेमीकंडक्टर और टेक शेयरों में आई रिकवरी के चलते तेजी का रुख रहा:
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अमेरिकी बाजार (मंगलवार रात बंद):
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नैस्डैक कम्पोजिट (Nasdaq): टेक और चिप कंपनियों के शेयरों में भारी लिवाली के चलते 1.29% का बड़ा उछाल दर्ज किया गया।
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S&P 500: 0.89% की बढ़त के साथ बंद हुआ।
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डॉव जोन्स (Dow Jones): 0.74% की तेजी हासिल करने में सफल रहा।
(नोट: वैश्विक निवेशकों को अब अल्फाबेट और टेस्ला जैसी दिग्गज कंपनियों के तिमाही नतीजों का इंतजार है।)
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एशियाई बाजार (बुधवार सुबह):
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कोस्पी (KOSPI – दक्षिण कोरिया): शुरुआती कारोबार में सबसे शानदार 5% तक की बढ़त दर्ज की। वहीं कोस्डैक (Kosdaq) भी 2% उछला।
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निक्केई 225 (Nikkei – जापान): 0.34% की तेजी के साथ कारोबार करता दिखा।
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S&P/ASX 200 (ऑस्ट्रेलिया): 0.12% की मामूली बढ़त पर रहा।
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क्रूड ऑयल, डॉलर इंडेक्स और भारतीय रुपये की स्थिति
मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव के चलते सप्लाई चेन बाधित होने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतें $90 के पार निकल चुकी हैं। प्रमुख आर्थिक संकेतकों की स्थिति नीचे तालिका में दी गई है:
| आर्थिक संकेतक (Economic Indicators) | वर्तमान दर/स्तर (Current Level) | बाजार पर प्रभाव/बदलाव (Market Impact) |
| ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) | $91.01 प्रति बैरल | 2% की तेजी (भारतीय बाजारों के लिए चिंताजनक) |
| WTI क्रूड (West Texas Intermediate) | $84.91 प्रति बैरल | 2% की बढ़ोतरी |
| अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (Dollar Index) | 101.15 | दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले स्थिर |
| भारतीय रुपया (INR vs USD) | 96.24 | 12 से 21 पैसे की मजबूती (डॉलर के मुकाबले रिकवरी) |
बाजार का आउटलुक: विश्लेषकों के अनुसार, जब तक कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती और मिडिल ईस्ट का तनाव कम नहीं होता, तब तक भारतीय बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility) जारी रहने की संभावना है। हालांकि, रुपये की मजबूती और वैश्विक बाजारों का सकारात्मक रुख निचले स्तरों पर बाजार को सहारा दे सकता है।




