वायदा बाजार में सेटलमेंट का बदलेगा नियम: सेबी ने एक्सपायरी-डे के लिए पेश किए दो नए विकल्प, जानिए क्या होगा असर

Lucknow Focus News Desk: भारतीय पूंजी बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने शेयर बाजार के वायदा एवं विकल्प (F&O) कारोबार में एक बड़ा नीतिगत कदम उठाने की तैयारी की है। सेबी ने इंडेक्स और सिंगल-स्टॉक डेरिवेटिव अनुबंधों के एक्सपायरी-डे सेटलमेंट प्राइस तय करने की गणना पद्धति में बदलाव का नया प्रस्ताव पेश किया है।
क्यों पड़ी नियम बदलने की जरूरत?
कैश सेगमेंट में 3 अगस्त से डेरिवेटिव वाले शेयरों के लिए ‘क्लोजिंग ऑक्शन सेशन’ (CAS) लागू किया गया था, ताकि शेयरों की सटीक क्लोजिंग प्राइस खोजी जा सके। हालांकि, इस प्रक्रिया के दौरान अंडरलाइंग शेयरों की नीलामी के साथ-साथ वायदा बाजार में ट्रेडिंग भी जारी रहती थी। इसके कारण एक्सपायरी वाले दिन अंतिम समय में इंडेक्स ऑप्शंस और इंडिकेटिव इक्विलिब्रियम प्राइस (IEP) आधारित ट्रेडिंग में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया।
बाजार सहभागियों की चिंता और सेबी का कदम
इंडेक्स वैल्यू में आने वाले तेज उछाल और गिरावट को लेकर बाजार सहभागियों द्वारा जताई गई चिंताओं के बाद सेबी ने एक्सपायरी-डे सेटलमेंट नियमों की समीक्षा शुरू की है। नियामक का उद्देश्य सेटलमेंट प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुगम और हेरफेर-मुक्त बनाना है, जिससे निवेशकों का जोखिम कम हो सके।




