बाजार में ‘विंडफॉल’ का झटका: RIL के शेयर 4% लुढ़के, मुकेश अंबानी को 82,000 करोड़ की चोट

Lucknow Focus News Desk: भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार का दिन भारी गिरावट लेकर आया। सरकार द्वारा डीजल और एटीएफ (ATF) के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स दोबारा लागू करने के फैसले ने दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) को बड़ा झटका दिया है। रिलायंस के शेयरों में 4% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जिससे एक ही दिन में कंपनी की मार्केट वैल्यू करीब 82,000 करोड़ रुपये कम हो गई।
सरकार का फैसला: निर्यात पर लगाम, घरेलू राहत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राजस्व संतुलन और देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।
एक्सपोर्ट ड्यूटी में वृद्धि: डीजल पर 21.5 रुपये प्रति लीटर और एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर 29.5 रुपये प्रति लीटर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी गई है।
एक्साइज ड्यूटी में कटौती: आम जनता को राहत देते हुए पेट्रोल पर स्पेशल एक्साइज ड्यूटी घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि डीजल पर इसे पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
रिलायंस पर क्यों पड़ा सबसे ज्यादा असर?
मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली RIL देश की सबसे बड़ी तेल निर्यातक कंपनी है। जामनगर स्थित इसकी रिफाइनरियां भारत के कुल एटीएफ उत्पादन का लगभग एक-चौथाई (25%) हिस्सा बनाती हैं। एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से कंपनी के मुनाफे पर सीधा असर पड़ने की आशंका है, जिससे निवेशकों ने बिकवाली तेज कर दी। इस बीच रिलायंस ने ईरान से कच्चा तेल खरीदने की खबरों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताते हुए खारिज कर दिया है।
बाजार पर दबाव: सेंसेक्स और निफ्टी 2% टूटे
रिलायंस में गिरावट का असर पूरे बाजार पर दिखा। दिग्गज शेयरों में बिकवाली के चलते सेंसेक्स और निफ्टी करीब 2% तक लुढ़क गए। पिछले एक महीने में रिलायंस का शेयर लगभग 3% गिर चुका है, जिससे निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
नायरा एनर्जी (Nayara Energy) का रुख
बाजार में यह हलचल ऐसे समय आई है जब हाल ही में नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दाम 5 रुपये और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए थे। डीलरों ने इस बढ़ोतरी के बाद मांग घटने और फ्यूल सप्लाई कम होने की आशंका जताई है।




