देशबिजनेस

Anil Ambani News: उद्योगपति अनिल अंबानी को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत, ‘काला धन अधिनियम’ के तहत दंडात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक

Lucknow Focus News Desk: रिलायंस समूह (ADAG) के चेयरमैन और दिग्गज उद्योगपति अनिल अंबानी को बॉम्बे हाईकोर्ट से एक बड़ी कानूनी राहत मिली है। अदालत ने आयकर विभाग द्वारा काला धन अधिनियम (Black Money Act) के तहत उनके खिलाफ शुरू की गई दंडात्मक कार्रवाई और मुकदमेबाजी (Prosecution) पर अंतरिम रोक लगा दी है।

अंबानी ने अदालत में याचिका दायर कर इस कड़े अधिनियम के कुछ विशिष्ट प्रावधानों की संवैधानिक वैधता (Constitutional Validity) को ही चुनौती दी है, जिसे उच्च न्यायालय ने विस्तृत सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। यह पूरा मामला ₹420 करोड़ की कथित कर चोरी (Tax Evasion) से जुड़ा हुआ है।

माननीय न्यायमूर्ति बीपी कोलाबावाला और फिरदौस पूनीवाला की पीठ का आदेश

इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायूमूर्ति बीपी कोलाबावाला और न्यायमूर्ति फिरदौस पूनीवाला की खंडपीठ ने की। मंगलवार को अपना अहम फैसला सुनाते हुए पीठ ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को रेखांकित किया।

याचिकाएं पहले से लंबित: खंडपीठ ने नोट किया कि इस अधिनियम की वैधता और इसके कड़े प्रावधानों के खिलाफ अदालत में कुछ अन्य याचिकाएं भी पहले से दायर और लंबित हैं। इसी के मद्देनजर अदालत ने अनिल अंबानी की याचिका को भी मुख्य सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया।

केंद्र सरकार को निर्देश: उच्च न्यायालय ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है और याचिका के जवाब में अपना विस्तृत हलफनामा (Affidavit) दाखिल करने का निर्देश दिया है।

मूल्यांकन और अपील प्रक्रिया जारी रहेगी, पर नहीं होगी कोई ‘दंडात्मक’ कार्रवाई

अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि भले ही अनिल अंबानी को दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा (Interim Protection) दी गई है, लेकिन इससे जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाएं प्रभावित नहीं होंगी।

कोर्ट की अहम टिप्पणी: अदालत ने कहा कि अनिल अंबानी के खिलाफ आयकर विभाग द्वारा एक मूल्यांकन आदेश (Assessment Order) पहले ही पारित किया जा चुका है। इसके खिलाफ अंबानी ने स्वयं आयकर आयुक्त (अपील) के समक्ष अपील दायर कर रखी है। उच्च न्यायालय ने साफ किया कि यह अपील अपनी तय कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ सकती है। हालांकि, जब तक इस मुख्य याचिका का अंतिम निपटारा (Final Disposal) नहीं हो जाता, तब तक विभाग अंबानी के खिलाफ कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाएगा, जिसमें भारी-भरकम जुर्माना वसूलना या आपराधिक मुकदमा चलाना शामिल है।

क्या है ₹420 करोड़ की कथित कर चोरी का पूरा मामला?

यह कानूनी विवाद तब शुरू हुआ था जब आयकर विभाग ने अनिल अंबानी पर काला धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 के तहत कार्रवाई शुरू की थी।

विभाग का आरोप है कि अनिल अंबानी ने विदेशी बैंकों में जमा अपनी अघोषित संपत्तियों और अघोषित विदेशी आय को छिपाया, जिसके जरिए कथित तौर पर ₹420 करोड़ की कर चोरी को अंजाम दिया गया। इसी कार्रवाई के खिलाफ अनिल अंबानी ने हाईकोर्ट का रुख किया था और अधिनियम के कुछ प्रावधानों को मनमाना बताते हुए उन्हें चुनौती दी थी। अब हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद केंद्र सरकार के रुख और अगली सुनवाई पर पूरे कॉर्पोरेट जगत की निगाहें टिक गई हैं।

Also Read: एलएनजी के बाद बिजली क्षेत्र में अडानी का महा-दांव, 3050 करोड़ में खरीदी ‘इंटेलीस्मार्ट’, यूपी के करोड़ों घरों में लगेंगे स्मार्ट प्रीपेड मीटर

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button