खराब लाइफस्टाइल से लिवर में बढ़ रही है ‘गर्मी’: मुंह के छाले, चिड़चिड़ापन और पाचन की समस्या हो सकती है संकेत

Lucknow Focus News Desk: खराब आहार और अव्यवस्थित जीवनशैली का सीधा असर शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक, लिवर पर पड़ता है। अत्यधिक तनाव, नींद की कमी, शराब का सेवन और तला-भुना खाने से लिवर में सूजन या ‘गर्मी’ जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं, जिससे इसके कामकाज (जो 500 से अधिक हैं) में बाधा आती है।
लिवर शरीर को डिटॉक्सिफाई करने के अलावा खून साफ करने, पाचन तंत्र को मजबूत बनाने, हार्मोन नियंत्रित करने, ऊर्जा को संग्रहीत करने और शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि लिवर ठीक से काम करना बंद कर दे, तो विषैले पदार्थ जमा होने लगते हैं और बीमारियां पनपने लगती हैं।
लिवर की गर्मी के लक्षण: जब लिवर में गर्मी बढ़ती है, तो इसके लक्षण शरीर के कई हिस्सों पर दिखाई देते हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
मुंह पर असर: बार-बार मुंह में छाले होना, जीभ और मुंह में जलन, जीभ पर सफेद या लाल धब्बे।
अन्य मौखिक लक्षण: मुंह का सूखापन, दांतों का घिसना, स्वाद में बदलाव और मसूड़ों में सूजन।
त्वचा पर असर: त्वचा पर दाने या खुजली होना।
मानसिक और भावनात्मक असर: बार-बार गुस्सा आना और चिड़चिड़ापन महसूस होना।
पाचन पर असर: पेट में जलन और पाचन में गड़बड़ी होना।
लिवर की गर्मी कम करने के उपाय
लिवर को स्वस्थ रखने और उसकी गर्मी को शांत करने के लिए निम्न बातों का पालन करना आवश्यक है:
स्वस्थ आहार: फल, हरी सब्जियां और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करें।
हाइड्रेशन: दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, जिससे पेट और लिवर की गर्मी शांत होती है।
निवारण: तला-भुना भोजन, शराब और जंक फूड को अपनी डाइट से पूरी तरह बाहर कर दें।
ओरल हेल्थ: फैटी लिवर के मरीज अपनी मौखिक स्वच्छता (Oral Health) का विशेष ध्यान रखें। रोजाना दो बार ब्रश और फ्लॉस करें, तथा समय-समय पर दांतों की जांच कराएं।
जीवनशैली सुधार: भरपूर नींद लें और तनाव को नियंत्रित करें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए चिकित्सक से परामर्श लेना अनिवार्य है।




