सेबी का ‘डिजिटल’ धमाका: व्यापार में सुगमता के लिए लॉन्च किए 3 नए IT प्लेटफॉर्म

Lucknow Focus News Desk: पूंजी बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और साइबर सुरक्षा को अभूतपूर्व मजबूती देने के लिए तीन अत्याधुनिक आईटी प्लेटफॉर्म लॉन्च किए हैं। सेबी अध्यक्ष द्वारा 24 मार्च को पेश किए गए इन प्लेटफॉर्म्स की विस्तृत जानकारी शुक्रवार को एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिए साझा की गई। यह पहल बाजार प्रतिभागियों के लिए नियमों का पालन (Compliance) करना आसान बनाएगी और पारदर्शिता में इजाफा करेगी।
क्या हैं ये 3 प्लेटफॉर्म और कैसे बदलेंगे बाजार की सूरत?
SUPCOMS (कम्युनिकेशन का एक मात्र जरिया)
इसका पूरा नाम ‘सिंगल यूनिवर्सल प्लेटफॉर्म फॉर कम्युनिकेशंस’ है। अब सेबी और बाहरी संस्थाओं के बीच पारंपरिक ईमेल-आधारित बातचीत खत्म होगी। सभी आधिकारिक संवाद एक ही जगह उपलब्ध रहेंगे, जिससे डेटा खोने का डर नहीं रहेगा और एक मजबूत ‘संस्थागत स्मृति’ (Institutional Memory) का निर्माण होगा।
ई-एडज्यूडिकेशन पोर्टल (पूरी तरह डिजिटल न्याय)
यह एक नेक्स्ट-जेनरेशन प्लेटफॉर्म है जिसे अर्द्ध-न्यायिक कार्यवाही को सरल बनाने के लिए बनाया गया है। संस्थाएं अब ऑनलाइन ‘कारण बताओ नोटिस’ डाउनलोड कर सकेंगी, अपना जवाब दाखिल कर सकेंगी और ऑनलाइन मॉड्यूल के जरिए सुनवाई में भी भाग ले सकेंगी। इससे न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी।
C-SAC (AI-आधारित साइबर सुरक्षा गार्ड)
‘साइबर-सेक ऑडिट कंप्लायंस’ एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सक्षम प्लेटफॉर्म है। यह ऑडिट रिपोर्ट का गहन विश्लेषण कर जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान करेगा। यह संस्थाओं को ‘रिस्क स्कोर’ भी प्रदान करेगा, जिससे सेबी को यह समझने में आसानी होगी कि कौन सी संस्था साइबर हमले के कितने खतरे में है।
सेबी की नई डिजिटल रणनीति का असर
इन तकनीकी सुधारों से सेबी-विनियमित संस्थाओं (जैसे स्टॉक ब्रोकर्स, म्यूचुअल फंड्स) के लिए नियामक प्रक्रिया बेहद सरल हो जाएगी। एआई के इस्तेमाल से मानवीय गलतियां कम होंगी और डेटा-आधारित फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे। सेबी का यह कदम भारतीय शेयर बाजार को वैश्विक मानकों के अनुरूप अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
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