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Heatstroke Symptoms: सिर्फ तेज बुखार ही नहीं, ये लक्षण भी हैं ‘हीट स्ट्रोक’ की चेतावनी, भूलकर भी न करें नजरअंदाज

Lucknow Focus News Desk: देश भर में इन दिनों भीषण गर्मी और जानलेवा लू (Heatwave) का तांडव जारी है। पिछले कई दिनों से देश के अधिकांश हिस्सों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर बना हुआ है। विदर्भ का ब्रह्मपुरी इलाका 47.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया है, वहीं तेलंगाना से लू के कारण 16 लोगों की मौत की बेहद दुखद खबर सामने आई है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की चेतावनी के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सहित पूरे मध्य और उत्तर भारत में इस महीने के अंत तक यह प्रचंड गर्मी ऐसे ही झुलसाने वाली है। इस बीच, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आम जनता को ‘हीट स्ट्रोक’ (लू लगना) के खतरे को लेकर गंभीर अलर्ट जारी किया है। डॉक्टरों का कहना है कि लोग अक्सर हीट स्ट्रोक को केवल तेज बुखार समझ लेते हैं, लेकिन इसके कुछ ऐसे छिपे हुए लक्षण भी हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है।

क्यों खतरनाक है हीट स्ट्रोक?

चिकित्सकों के अनुसार, हीट स्ट्रोक के दौरान इंसानी शरीर का आंतरिक तापमान नियंत्रण तंत्र (Thermoregulation System) पूरी तरह फेल हो जाता है। जब शरीर का तापमान लंबे समय तक बहुत अधिक बना रहता है, तो शरीर के मुख्य अंग काम करना बंद कर सकते हैं। अगर समय रहते इसके लक्षणों की पहचान कर तुरंत इलाज न मिले, तो यह स्थिति मल्टी-ऑर्गन फेलियर और मौत की वजह बन सकती है।

तेज बुखार के अलावा हीट स्ट्रोक के 4 छिपे हुए लक्षण

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने उन शुरुआती और गंभीर लक्षणों की सूची साझा की है, जिन्हें लोग अक्सर सामान्य थकान समझकर टाल देते हैं।

पसीना आना बंद होना और त्वचा का सूखा होना

हीट स्ट्रोक की सबसे बड़ी और खतरनाक पहचान यह है कि इसमें शरीर पसीना बनाना पूरी तरह बंद कर देता है। ऐसे में मरीज की त्वचा असामान्य रूप से बहुत गर्म, लाल और बिल्कुल सूखी (Dry Skin) महसूस होने लगती है। अगर तपती गर्मी में किसी का शरीर तवे की तरह जल रहा हो और उसे पसीना न आ रहा हो, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।

मांसपेशियों में असहनीय ऐंठन और कमजोरी (Muscle Cramps)

तेज धूप और गर्मी में लगातार पसीना बहने से शरीर में सोडियम और पोटैशियम जैसे जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की भारी कमी हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप हाथों-पैरों और पेट की मांसपेशियों में तेज दर्द, बार-बार क्रैम्प (ऐंठन) आना और अचानक अत्यधिक कमजोरी महसूस होने लगती है।

दिल की धड़कन तेज होना और सांस फूलना

जब शरीर का तापमान अनियंत्रित रूप से बढ़ता है, तो दिल खुद को और पूरे शरीर को तेजी से ठंडा रखने की कोशिश में सामान्य से कई गुना ज्यादा पंप करने लगता है। अचानक हार्ट रेट का बहुत ज्यादा बढ़ जाना (Tachycardia) और सांस का फूलना हीट स्ट्रोक का सीधा संकेत है।

लगातार उल्टी और मितली आना (Nausea and Vomiting)

भीषण गर्मी का सीधा और बुरा असर हमारे पाचन तंत्र पर भी पड़ता है। पानी की भारी कमी के कारण पेट और आंतों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, जिससे मरीज को लगातार उल्टी, जी मिचलाना और पेट खराब होने की समस्या होने लगती है। गर्मी के मौसम में इसे सामान्य फूड पॉइजनिंग समझने की भूल कतई न करें।

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