लखनऊ विश्वविद्यालय की शोध छात्रा ने घोंघे के खून से तैयार किया नैनो जेल, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर
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Lucknow Focus News Desk: लखनऊ विश्वविद्यालय के प्राणि विज्ञान विभाग की शोध छात्रा संगीता ने घोंघे के खून से एक विशेष नैनो जेल तैयार किया है, जिसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल दोनों गुण मौजूद हैं। इस नवाचार के लिए पेटेंट आवेदन भी किया गया है।
विभागाध्यक्ष प्रो. एम. सिराजुद्दीन ने जानकारी दी कि यह शोध उनके मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें घोंघे के खून से 0.152 माइक्रोग्राम प्राकृतिक ग्लूटामिक एसिड निकाला गया। इसके बाद बैक्टीरियल किण्वन तकनीक से पॉलिग्लूटामिक एसिड तैयार किया गया। संतरे और नींबू के छिलकों से प्राप्त पेक्टिन तथा एक्रिलामाइड रसायन मिलाकर नैनो जेल का निर्माण किया गया।
शोध के दौरान इस जेल की प्रभावशीलता विभिन्न हानिकारक बैक्टीरिया जैसे Pseudomonas aeruginosa, Staphylococcus aureus, E. coli और Streptococcus mutans पर जांची गई। जेल ने विशेष रूप से Pseudomonas aeruginosa और Staphylococcus aureus के खिलाफ एंटीबायोटिक एजिथ्रोमाइसिन के साथ मिलकर प्रभावी अवरोध क्षेत्र दिखाया।
प्रो. सिराजुद्दीन के अनुसार, शोध का अगला चरण नैनो जेल को कीमोथेरेपी दवा सिस्प्लैटिन के साथ मिलाकर कैंसर कोशिकाओं पर इसके प्रभाव का अध्ययन करना है। यह अध्ययन प्रारंभिक चरण में है, लेकिन यदि सफल होता है तो यह कैंसर उपचार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।




