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ममता बनर्जी को लगा चौथा बड़ा झटका, राज्यसभा सांसद कोयल मल्लिक ने दिया इस्तीफा, TMC के बचे सिर्फ 9 सांसद

Lucknow Focus News Desk: पश्चिम बंगाल की राजनीति और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी अंदरूनी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त का सामना करने के बाद अब ममता बनर्जी की मुश्किलें राष्ट्रीय स्तर पर भी लगातार बढ़ती जा रही हैं। तीन राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने के सदमे से TMC अभी उबर भी नहीं पाई थी कि पार्टी को चौथा बड़ा झटका लगा है।

TMC की नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद और मशहूर बंगाली अभिनेत्री कोयल मल्लिक (Koel Mallick) ने संसद की सदस्यता से आधिकारिक तौर पर इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, कोयल ने कोलकाता से सीधे ईमेल के जरिए अपना इस्तीफा संसद को सौंपा है। इस इस्तीफे के साथ ही संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) में ममता बनर्जी की पार्टी के सांसदों की संख्या घटकर अब सिर्फ 9 रह गई है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी नाता तोड़ा है या नहीं।

सिर्फ दो महीने में टूटा मोह: अप्रैल में बनी थीं सांसद

ममता बनर्जी की राजनीति हमेशा से ही बंगाली सिनेमा (टॉलीवुड) के सितारों को राजनीतिक मंच देने के लिए जानी जाती रही है। इसी रणनीति के तहत इसी साल अप्रैल 2026 में ममता बनर्जी ने कोयल मल्लिक को राज्यसभा के लिए नामांकित किया था।

सांसद पद की शपथ लेने के बाद कोयल मल्लिक बेहद उत्साहित नजर आ रही थीं। उस वक्त मीडिया से बात करते हुए उन्होंने देश सेवा का संकल्प दोहराया था। कोयल ने कहा था “मैंने बेहद सोच-समझकर यह फैसला लिया है। यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। देश की सेवा और लोगों की सेवा से बढ़कर कुछ भी नहीं है।”

लेकिन महज दो महीने के भीतर ही कोयल मल्लिक का राजनीति से मोहभंग हो गया या फिर पार्टी के भीतर जारी अंदरूनी कलह के चलते उन्हें यह कड़ा फैसला लेना पड़ा, यह सियासी गलियारों में गहरी चर्चा का विषय बना हुआ है।

सुखेंदु शेखर से हुई थी शुरुआत, ताश के पत्तों की तरह ढह रहा किला

केंद्र सरकार और विपक्षी मोर्चे पर 13 राज्यसभा सांसदों के दम पर हुंकार भरने वाली ममता बनर्जी का किला अब ताश के पत्तों की तरह ढहता नजर आ रहा है। राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे का यह सिलसिला 8 जून को शुरू हुआ था।

पहला झटका: वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रे ने 8 जून को सबसे पहले इस्तीफा दिया।

अन्य इस्तीफे: इसके बाद कद्दावर नेता सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक ने भी संसद सदस्यता छोड़ दी।

चौथा झटका: अब कोयल मल्लिक (रुक्मिणी मल्लिक) इस कतार में शामिल होने वाली चौथी सांसद बन गई हैं।

विधायकों और लोकसभा सांसदों के बाद अब राज्यसभा में बड़ी बगावत

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद से ही टीएमसी में मची भगदड़ रुकने का नाम नहीं ले रही है। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो ममता बनर्जी इस वक्त अपने सबसे खराब राजनीतिक दौर (Political Marginalization) से गुजर रही हैं।

विधायकों की बगावत: चुनाव परिणाम आते ही पार्टी के तीन दर्जन (36) से ज्यादा विधायकों ने पाला बदलकर ममता बनर्जी को राजनीतिक हाशिए पर धकेल दिया।

लोकसभा में टूट: इसके तुरंत बाद पार्टी की वरिष्ठ नेता काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में करीब एक दर्जन (12) लोकसभा सांसदों ने भी ममता बनर्जी का साथ छोड़ने और बागी रुख अख्तियार करने का खुला एलान कर दिया था।

4 मई के बाद बदला पूरा सीन: 4 मई को लोकसभा सांसदों के बागी होने के बाद से ही पार्टी ताश के पत्तों की तरह बिखरने लगी। इसी क्रम में अब राज्यसभा के चार सांसदों ने भी पद छोड़ दिया है, जिससे संसद में टीएमसी की धार बेहद कमजोर हो गई है।

कौन हैं कोयल मल्लिक?

बंगाली फिल्म इंडस्ट्री (Tollywood) की नंबर वन अभिनेत्रियों में शुमार कोयल मल्लिक का असली नाम रुक्मिणी मल्लिक है। वह बंगाल के दिग्गज और कल्ट अभिनेता रंजीत मल्लिक की बेटी हैं। कोयल ने साल 2003 में फिल्म ‘नाटेर गुरु’ से अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की थी, जिसके बाद उन्होंने लगातार कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। युवाओं के बीच उनकी जबरदस्त लोकप्रियता को देखते हुए ही ममता बनर्जी ने उन्हें राजनीति में आने के लिए मनाया था, लेकिन यह सियासी सफर दो महीने भी ठीक से नहीं चल सका।

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