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Mutual Fund Data: नए रजिस्ट्रेशन से ज्यादा बंद हुए SIP खाते, फिर भी देश में निवेश ने बनाया नया रिकॉर्ड

Lucknow Focus News Desk: भारतीय म्यूचुअल फंड बाजार (Indian Mutual Fund Market) से इन दिनों बड़े ही दिलचस्प और सिर चकरा देने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं। पहली नजर में ये आंकड़े किसी को भी पूरी तरह विरोधाभासी (Contradictory) लग सकते हैं। एक तरफ जहां देश में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी (SIP) बंद करने या रोकने वाले निवेशकों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, वहीं दूसरी ओर हर महीने एसआईपी के जरिये म्यूचुअल फंड में आने वाला कुल निवेश (Inflow) नित नए रिकॉर्ड बना रहा है।

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस साल मार्च और अप्रैल के महीनों में एसआईपी स्टॉपेज रेश्यो (SIP Stoppage Ratio) लगातार दो महीने से 100 फीसदी से अधिक दर्ज किया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि देश में जितने नए एसआईपी खाते खुल नहीं रहे हैं, उससे ज्यादा खाते या तो बंद हो रहे हैं, रोके जा रहे हैं या फिर अपनी अवधि पूरी (मैच्योर) कर रहे हैं। इसके बावजूद, बाजार में पैसे आने की रफ्तार कम नहीं हुई है।

आंकड़ों का खेल: 50 लाख नए खुले, तो 51 लाख बंद हुए

एम्फी की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल के महीने में निवेशकों के व्यवहार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला।

नए पंजीकरण (New Registrations): अप्रैल में कुल 50.71 लाख नए एसआईपी खाते पंजीकृत किए गए।

बंद या मैच्योर हुए खाते (Closed/Mature Accounts): इसके मुकाबले इसी महीने कुल 51.29 लाख एसआईपी खाते या तो बंद कर दिए गए या अपनी अवधि पूरी कर गए।

स्टॉपेज रेश्यो: बंद होने वाले खातों की संख्या अधिक होने के कारण देश का एसआईपी स्टॉपेज रेश्यो 101 फीसदी के स्तर पर पहुंच गया।

रिकॉर्ड निवेश: इस भारी गिरावट और खाते बंद होने के बावजूद, अप्रैल महीने में कुल एसआईपी निवेश 31,115 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर बना रहा। यह दर्शाता है कि जो निवेशक बाजार में टिके हुए हैं, वे अपने निवेश की राशि (SIP Amount) को लगातार बढ़ा रहे हैं।

बाजार में म्यूचुअल फंड का दबदबा बरकरार

भले ही खाते बंद होने की रफ्तार तेज हुई हो, लेकिन भारतीय खुदरा निवेशकों (Retail Investors) का भरोसा अब भी इक्विटी मार्केट पर मजबूत है। अप्रैल के अंत तक देश में कुल सक्रिय (Active) एसआईपी खातों की संख्या 9.65 करोड़ के बेहद मजबूत स्तर पर बनी हुई है।

इसके साथ ही, देश की कुल एसआईपी संपत्तियां (SIP AUM) बढ़कर 16.85 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी हैं, जो पूरे भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग (Mutual Fund Industry) की कुल संपत्ति का 20.6 फीसदी हिस्सा है।

मजबूत इनफ्लो के बीच उद्योग के सामने नई चुनौतियां

आर्थिक विशेषज्ञों और फंड मैनेजरों के मुताबिक, बाजार में आ रहे इस मजबूत इनफ्लो को देखते हुए अब एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs) के सामने सबसे बड़ी चुनौती नए निवेशकों को जोड़ना नहीं है। असली चुनौती यह है कि वित्तीय साक्षरता और बेहतर शिक्षा (Investor Education) के जरिये निवेशकों को कठिन व उतार-चढ़ाव वाले बाजार में भी लंबे समय तक निवेशित (Invested) बनाए रखा जाए, ताकि वे घबराहट में आकर अपनी एसआईपी बंद न करें।

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