नीतीश कुमार की ‘संसदीय पारी’ का आगाज: राज्यसभा सदस्य के रूप में ली शपथ, बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर बढ़ी हलचल

Lucknow Focus News Desk: बिहार की सियासत में आज एक युग का परिवर्तन देखने को मिला है। लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में सूबे की कमान संभालने वाले नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। संसद भवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने उन्हें शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण से पहले नीतीश कुमार ने राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा से मुलाकात की।
ऐतिहासिक कीर्तिमान: चारों सदनों के सदस्य बने नीतीश
राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही नीतीश कुमार देश के उन गिने-चुने राजनेताओं की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्हें विधानसभा, विधानपरिषद, लोकसभा और राज्यसभा यानी चारों सदनों का सदस्य रहने का गौरव प्राप्त है। उन्होंने इस नई पारी के लिए 30 मार्च को ही बिहार विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
बिहार में ‘नया मुख्यमंत्री’ कौन? सस्पेंस गहराया
नीतीश कुमार के दिल्ली दरबार में सक्रिय होने के साथ ही पटना में नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। पटना स्थित बीजेपी दफ्तर के बाहर सम्राट चौधरी को बिहार का नया मुख्यमंत्री घोषित करने वाले पोस्टर चर्चा का विषय बने रहे। हालांकि, बाद में कुछ विवादित पोस्टरों को हटा दिया गया। नई सरकार के स्वरूप पर मंथन के लिए दिल्ली में बीजेपी ‘कोर ग्रुप’ की बड़ी बैठक बुलाई गई है। दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा पहले से ही दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।
14 अप्रैल को लग सकती है मुहर
सूत्रों के मुताबिक, 14 अप्रैल को एनडीए विधायक दल की बैठक हो सकती है, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर आधिकारिक मुहर लगेगी। वरिष्ठ मंत्री विजय कुमार चौधरी ने संकेत दिए हैं कि नीतीश कुमार जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे, लेकिन आने वाली नई एनडीए सरकार पिछले 20 वर्षों के ‘नीतीश मॉडल’ पर ही विकास कार्य जारी रखेगी।
एनडीए के लिए बड़ी परीक्षा
नीतीश कुमार का बिहार की सक्रिय राजनीति से निकलकर दिल्ली के गलियारों में पहुंचना एनडीए के लिए एक बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। गुरुवार को दिल्ली पहुंचने पर जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया था। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नीतीश के बाद बिहार की कमान किसके हाथों में होगी।