स्टेट तकमील-उत-तिब्ब कॉलेज में पीजी थीसिस सबमिशन समारोह: डॉ. हाशमी बोले- शोध यूनानी चिकित्सा जनस्वास्थ्य की मजबूत आधारशिला

Lucknow Focus News Desk: स्टेट तकमील-उत-तिब्ब कॉलेज एंड हॉस्पिटल, लखनऊ के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग द्वारा स्नातकोत्तर (पीजी) विद्यार्थियों के थीसिस सबमिशन समारोह का भव्य आयोजन कॉलेज के कॉन्फ्रेंस हॉल में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मौलाना आज़ाद मेमोरियल अकादमी, लखनऊ के महासचिव डॉ. अब्दुल कुद्दूस हाशमी उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अब्दुल क़वी ने की। कार्यक्रम का सफल संचालन विभागाध्यक्ष डॉ. मणि राम द्वारा किया गया।
समारोह के दौरान पीजी शोधार्थियों ने अपने तीन वर्षों की मेहनत से तैयार शोध प्रबंधों (Thesis) का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया।
आधुनिक शोध से ही संभव है यूनानी चिकित्सा का विकास: डॉ. हाशमी
मुख्य अतिथि डॉ. अब्दुल कुद्दूस हाशमी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “शोध किसी भी ज्ञान-विज्ञान की आत्मा है।” उन्होंने यूनानी चिकित्सा पद्धति के विकास के लिए आधुनिक और जन-आवश्यकताओं पर आधारित शोध को अत्यंत आवश्यक बताया।
उन्होंने शोधार्थियों से आह्वान किया कि वे सीखने, प्रश्न करने और मानवता की सेवा की भावना को सदैव जीवित रखें।
डॉ. हाशमी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘100 दिवसीय नशा मुक्ति अभियान’ का उल्लेख करते हुए युवा चिकित्सकों व शोधार्थियों से इस सामाजिक जन-जागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
डिग्री तक सीमित न रहे शोध का दायरा: प्रो. अब्दुल क़वी
कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अब्दुल क़वी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि शोध का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज को स्वस्थ बनाने में सार्थक योगदान देना होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे ऐसे व्यावहारिक शोध कार्यों से जुड़ें जिनके परिणाम सीधे जनहित में उपयोगी सिद्ध हों।
अतिथियों का सम्मान और केक काटकर जश्न
विभागाध्यक्ष डॉ. मणि राम ने शोधार्थियों के कठिन परिश्रम की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में डॉ. अताउल्लाह ख़ान, डॉ. कमरुल हसन लारी तथा डॉ. सफिया लोखंडे ने भी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया। समारोह के अंत में शोधार्थियों ने अतिथियों को स्मृति-चिह्न (Memento) भेंट किए और केक काटकर अपनी इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि का उत्सव मनाया।




