उत्तर प्रदेश

रामलला के दर्शन कर चुके 6 करोड़ श्रद्धालु, साल के अंत तक पूरा हो जाएगा भव्य राम मंदिर: चंपत राय

Lucknow Focus News Desk: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने दावा किया है कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद बीते 18 महीनों में करीब 6 करोड़ श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस साल के अंत तक राम मंदिर का निर्माण कार्य पूरी तरह से पूरा कर लिया जाएगा।

चंपत राय अयोध्या के मणिराम दास छावनी में चल रहे श्रीराम कथा महोत्सव में पहुंचे थे। यहां उन्होंने श्रद्धालुओं को राम मंदिर आंदोलन से लेकर वर्तमान निर्माण तक की पूरी यात्रा की झलक दी।

चंपत राय ने बताया कि मंदिर का निर्माण कार्य भारतीय परंपरागत वास्तुकला और अत्याधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर को हज़ार वर्षों तक टिकाऊ बनाने के लिए विशेष इंजीनियरिंग तकनीक और अनुभवी कंपनियों की मदद ली गई है। सबसे खास बात यह है कि मंदिर निर्माण में एक प्रतिशत भी लोहे का प्रयोग नहीं किया गया है।

मंदिर की नींव मजबूत पत्थर की चट्टानों पर रखी गई है और उसमें नमी सोखने वाले ग्रेनाइट पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है ताकि बारिश की नमी से नींव को कोई नुकसान न पहुंचे।

रामलला की मूर्ति चयन की हुई खास प्रक्रिया

रामलला की मूर्ति के चयन को लेकर चंपत राय ने बताया कि देश के प्रतिष्ठित मूर्तिकारों के साथ लंबी चर्चा और मंथन के बाद तीन मूर्तियों का निर्माण कराया गया था। उनमें से एक मूर्ति का चयन किया गया है, जिसे आज मंदिर के भूतल पर प्रतिष्ठित किया जा चुका है।

वहीं, मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार की भी स्थापना हो चुकी है। मंदिर के परकोटे में छह मंदिर और सप्त मंडपम में सात मंदिर निर्मित किए जा रहे हैं। मंदिर के दरवाजों को लेकर भी विशेष सावधानी बरती गई है। इन्हें सागौन की लकड़ी से बनाया गया है ताकि वे सदियों तक अपनी चमक और मजबूती बनाए रखें। चंपत राय ने भरोसा जताया कि राम मंदिर परिसर आने वाले समय में सामाजिक समरसता और भारतीय सांस्कृतिक चेतना का बड़ा केंद्र बनेगा।

दर्शन की व्यवस्था भी सहज

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि फिलहाल एक घंटे में भक्त सुव्यवस्थित रूप से रामलला के दर्शन कर पा रहे हैं। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। इस मौके पर कथावाचक उत्तम स्वामी ने श्रीराम कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराई।

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