काव्य रचनाओं से जीवंत हुई रानी लक्ष्मीबाई की शौर्यगाथा, ‘लल्लू जी’ का जन्मदिन भी मना

Lucknow Focus News Desk : साहित्य साधना संस्थान, बाराबंकी के तत्वावधान में विकास भवन परिसर में वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर एक भव्य साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कवियों ने अपनी ओजस्वी और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत रचनाओं के माध्यम से झांसी की रानी के अद्वितीय शौर्य और बलिदान को याद किया। इस गरिमामयी समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि एवं प्रख्यात मंच संचालक पंडित राम किशोर तिवारी ‘किशोर’ ने की, जबकि कुशल संचालन सुप्रसिद्ध ओज कवि डॉ. अंबरीश अंबर द्वारा किया गया।
कवियों ने अपनी ओजस्वी वाणी से किया वीरांगना को नमन
कार्यक्रम का शुभारंभ ओज कवि दीपक दिवाकर द्वारा प्रस्तुत सुमधुर वाणी वंदना— “हे जगत जननी तेरी आराधना करता रहूं, जग के बंधन से निकलकर साधना करता रहूं” से हुआ। इसके उपरांत देशप्रेम के रंग में डूबी काव्यधारा प्रवाहित हुई।
- ओज कवि मनोज शुक्ला ने रानी लक्ष्मीबाई के रणकौशल का चित्रण करते हुए पढ़ा:“पीठ पर पुत्र और दोनों हाथ में कृपाण, मुंह से लगाम खींचती हुई चली गई।”
- डॉ. अंबरीश अंबर ने अपनी ओजस्वी प्रस्तुति से समां बांधते हुए कहा:“वेगवान हो गई थी क्रांति की लपट, अंक में समेट लिया झांसी झटपट।”
- अध्यक्षता कर रहे पं. राम किशोर तिवारी ‘किशोर’ ने रानी के पराक्रम को नमन करते हुए सुनाया:“रानी समरांगण में कहर मचाती हुई, सारे शत्रु दल को संहारती चली गई।”
इस दौरान हास्य कवि अजय प्रधान ने समसामयिक विषयों पर तीखे व्यंग्य बाण छोड़े, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। संगोष्ठी में प्रदीप महाजन, संजय शर्मा, युवा गीतकार साहब नारायण शर्मा, कवयित्री सुधा सिंह, आशा सिंह, ठहाका श्री, पत्रकार एवं कवि रत्नेश कुमार, जितेंद्र श्रीवास्तव ‘जीतू’ और सनत वर्मा ‘अनाड़ी’ सहित कई रचनाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से महारानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
व्यंग्यकार अनिल श्रीवास्तव ‘लल्लू’ का मनाया गया जन्मदिवस
साहित्यिक विमर्श के बीच एक बेहद आत्मीय क्षण तब आया, जब संस्थान के उपाध्यक्ष व जाने-माने व्यंग्यकार अनिल श्रीवास्तव ‘लल्लू’ का जन्मदिवस सभी ने मिलकर बड़े ही उत्साहपूर्वक मनाया। इस अवसर पर उन्होंने अपनी पंक्तियां साझा कीं— “प्रेम के रस में पगी हो कविता, सद्भावों से सजी हो कविता।” कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य जनों ने उन्हें माल्यार्पण कर, शाल ओढ़ाकर, पुष्पगुच्छ और स्मृति-चिन्ह भेंट कर दीर्घायु होने की शुभकामनाएं दीं।
समारोह में प्रबुद्ध वर्ग की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस भव्य साहित्यिक आयोजन में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्ध जन और साहित्यप्रेमी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इनमें मुख्य रूप से भाजपा नेत्री गुलजार बानो, वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील कुमार मौर्य, रेड क्रॉस अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह, सियाराम रावत ‘ठहाका श्री’, जे.एल. भास्कर, नंदकिशोर वर्मा, के.पी. सिंह, फूलचंद, वाई.एन. वर्मा, आलोक वर्मा, आलोक श्रीवास्तव, सत्यम श्रीवास्तव, शशांक श्रीवास्तव, मानसी और मुस्कान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति, साहित्य साधना और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ बेहद गरिमापूर्ण माहौल में हुआ।




