हेल्थ एंड वेलनेस

स्वास्थ्य अलर्ट: चाय की चुस्की पड़ सकती है भारी! जानें किन स्वास्थ्य स्थितियों में चाय से बनाएं दूरी

Lucknow Focus News Desk: भारत में चाय केवल एक पेय नहीं बल्कि जीवनशैली का हिस्सा है। लेकिन अत्यधिक चाय पीना, खासकर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए हानिकारक हो सकता है। चाय में मौजूद टैनिन (Tannin) और कैफीन (Caffeine) शरीर में ऊर्जा तो तुरंत बढ़ाते हैं, लेकिन अधिक मात्रा में लेने पर एसिडिटी से लेकर पोषक तत्वों के अवशोषण (Absorption) में बाधा डालते हैं।

किन लोगों को चाय पीने से बचना चाहिए?

GERD और एसिडिटी के मरीज: चाय में मौजूद टैनिन और कैफीन पेट के गैस्ट्रिक बैरियर को इरिटेट करते हैं, जिससे एसिडिटी, पेट में जलन और रिफ्लक्स की समस्या बढ़ सकती है।

एनीमिया (आयरन की कमी) के मरीज: चाय भोजन से मिलने वाले आयरन, ज़िंक और प्रोटीन के अवशोषण को रोकती है। शरीर में खून की कमी होने पर चाय का सेवन बंद या बेहद सीमित कर देना चाहिए।

गर्भवती महिलाएं: कैफीन प्लेसेंटा के माध्यम से शिशु तक पहुंच सकता है, इसलिए गर्भावस्था में चाय का सेवन सीमित रखने की सलाह दी जाती है।

एंजायटी और पैनिक अटैक के मरीज: चाय में मौजूद कैफीन तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को उत्तेजित करता है, जिससे घबराहट और मानसिक बेचैनी बढ़ सकती है।

चाय पीने के सही नियम

बिना किसी मेडिकल कंडीशन वाले व्यक्ति को भी दिन में 2 कप से ज्यादा चाय नहीं पीनी चाहिए।

सुबह उठते ही खाली पेट चाय पीने से गट हेल्थ खराब होती है। सुबह पहले गुनगुना पानी पिएं, हल्का नाश्ता करें और 40 मिनट बाद ही चाय लें।

हैवी मील्स से 45 मिनट पहले या बाद में चाय न पिएं ताकि शरीर पोषक तत्वों को सोख सके।

बेहतर नींद के लिए शाम 5 बजे के बाद कैफीन युक्त पेय न लें और रिफाइंड शुगर (चीनी) का उपयोग कम करें।

Disclaimer: इस लेख में बताए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

Related Articles

Back to top button