हर किसी के लिए नहीं है बेसन का उबटन! इन लोगों को हो सकता है नुकसान

Lucknow Focus News Desk: बेसन, हल्दी और दही घरेलू सौंदर्य नुस्खों में इनका जिक्र पीढ़ियों से होता आ रहा है। कई महिलाएं अब भी इन्हें अपनाकर त्वचा को निखारने का भरोसा करती हैं। लेकिन क्या वाकई हर किसी के लिए ये उपाय सुरक्षित हैं?
हाल ही में एक महिला ने जब चेहरे पर बेसन, हल्दी और दही का उबटन लगाया, तो उसे उम्मीद थी कि त्वचा चमक उठेगी। मगर कुछ ही मिनटों में उसके चेहरे पर तेज़ जलन शुरू हो गई और लाल चकत्ते उभर आए। यह अनुभव उसके लिए न सिर्फ हैरान करने वाला था, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है क्या हर त्वचा पर घरेलू नुस्खे इस्तेमाल करना सही है?
प्राकृतिक है, लेकिन हर त्वचा के लिए नहीं
बेसन को पारंपरिक रूप से त्वचा को साफ़ करने और रंग निखारने वाला माना जाता है, लेकिन हर त्वचा पर इसका असर एक जैसा नहीं होता। अगर आपकी त्वचा संवेदनशील (Sensitive) है, तो बेसन, खासकर उसमें मिलाए गए नींबू, दही या हल्दी जैसे तत्व, त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
डर्मेटोलॉजिस्ट्स का कहना है कि बेसन में नैचुरल ऑयल सोखने की क्षमता होती है, जो ऑयली स्किन के लिए फायदेमंद है, लेकिन ड्राई या रिएक्टिव स्किन के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे त्वचा में खिंचाव, खुजली और रैशेज हो सकते हैं।
किन लोगों को नहीं लगाना चाहिए बेसन?
संवेदनशील त्वचा वाले लोग: जिनकी स्किन बहुत जल्दी रिएक्ट करती है, उन्हें बेसन या उसमें मिलाए जाने वाले घटकों जैसे नींबू या दही से दूर रहना चाहिए। ये स्किन में जलन या लालिमा पैदा कर सकते हैं।
एक्जिमा, सोरायसिस या एलर्जी से पीड़ित लोग: यदि पहले से कोई त्वचा संबंधी बीमारी है, तो बेसन जैसे घटक स्किन बैरियर को और कमजोर कर सकते हैं, जिससे संक्रमण और बढ़ सकता है।
छोटे बच्चों की त्वचा: नवजात या छोटे बच्चों की त्वचा बहुत नाजुक होती है। ऐसे में उबटन या बेसन लगाने से स्क्रबिंग जैसा असर हो सकता है, जो नुकसानदायक है।
ड्राई स्किन वाले लोग: बेसन त्वचा का तेल सोखता है, जिससे ड्राई स्किन वालों की समस्या और बढ़ सकती है—रूखापन, खिंचाव और खुजली आम हो जाते हैं।
हफ्ते में बार-बार उबटन लगाने वाले: बार-बार बेसन का इस्तेमाल त्वचा की नेचुरल ऑयल बैलेंस को बिगाड़ सकता है। इससे स्किन डिहाइड्रेट हो सकती है और उसका ग्लो भी कम हो सकता है।
क्या करें? क्या न करें?
- अगर आप पहली बार बेसन का उबटन आजमा रहे हैं, तो पैच टेस्ट जरूर करें।
- पहले यह देखें कि आपकी त्वचा में कोई एलर्जी या जलन तो नहीं हो रही।
- हफ्ते में एक बार से ज्यादा बेसन का उपयोग न करें।
- बच्चों की त्वचा पर किसी भी घरेलू नुस्खे का इस्तेमाल विशेषज्ञ की सलाह से ही करें।
घरेलू नुस्खे हमेशा सुरक्षित नहीं होते, खासकर तब जब त्वचा की प्रकृति अलग हो। इसलिए ‘प्राकृतिक है तो नुकसान नहीं होगा’ वाली सोच से बाहर निकलें और त्वचा की जरूरत के अनुसार ही उत्पादों का चयन करें। त्वचा की सुरक्षा, सुंदरता से कहीं ज्यादा ज़रूरी है।
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