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‘बंटवारा 1947′ के ट्रेलर लॉन्च पर रो पड़े सनी देओल, डायरेक्टर बोले-’16 साल की तपस्या का फल है यह फिल्म’

Lucknow Focus News Desk: सच्ची घटनाओं और बड़े कैनवास पर बनी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर मंगलवार को एक भव्य इवेंट में लॉन्च कर दिया गया। इस मौके पर फिल्म की पूरी स्टारकास्ट और दिग्गज निर्देशक राजकुमार संतोषी मौजूद रहे। ट्रेलर लॉन्च के दौरान एक बेहद भावुक कर देने वाला पल तब आया, जब निर्देशक राजकुमार संतोषी ने बॉलीवुड के दिग्गज दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र का जिक्र किया। पिता का नाम सुनते ही सनी देओल अपने आंसू नहीं रोक पाए और मंच पर ही फूट-फूटकर रोने लगे।

निर्देशक राजकुमार संतोषी ने पुरानी यादों को साझा करते हुए बताया, “फिल्म के लिए धरम जी का आशीर्वाद हमारे साथ है। जब मैंने उन्हें इस फिल्म की कहानी सुनाई थी, तब वह बहुत भावुक हो गए थे और उनकी आंखों में आंसू आ गए थे। मेरे ख्याल से यह आखिरी फिल्म थी जो उन्होंने (दुनिया से जाने से पहले) देखी थी। उसे देखने के बाद उन्होंने मुझसे कहा था—’राज, यह पिक्चर बहुत चलेगी, तुम लोगों ने बहुत अच्छा काम किया है।'”

16 साल की तपस्या के बाद बनी फिल्म, आमिर खान ने दिया साथ

अपनी इस महत्वाकांक्षी फिल्म के सफर पर बात करते हुए राजकुमार संतोषी ने कहा कि यह उनके लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक तपस्या है। उन्होंने बताया, “मैं साल 2010 से इस फिल्म को बनाने की कोशिश में जुटा हुआ हूँ। मैंने सनी साहब को कहानी सुनाई, उन्हें भी यह बेहद पसंद आई। हम दोनों पिछले 15-16 साल से इसे पर्दे पर उतारने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन हमें किसी का सहयोग नहीं मिल रहा था। मैं आमिर खान का बेहद शुक्रगुजार हूँ, जिन्होंने इस कहानी को सुना, पसंद किया और हमें इसे बनाने के लिए प्रेरित व सपोर्ट किया।”

बेटे करण देओल को लेकर भी भावुक हुए सनी

इस खास मौके पर सनी देओल के बेटे करण देओल भी मौजूद थे, जो इस फिल्म में एक अहम भूमिका निभा रहे हैं। राजकुमार संतोषी ने करण की तारीफ करते हुए उन्हें एक प्रॉमिसिंग युवा प्रतिभा बताया और कहा कि फिल्म देखने के बाद हर कोई यही कहेगा कि वह आगे चलकर अपने पिता सनी देओल का नाम बहुत रोशन करेंगे। वहीं, करण देओल ने भी अपने पिता के प्रति आभार जताते हुए कहा, “डैड के साथ काम करना मेरे लिए एक सपना सच होने जैसा है। आखिर अपने पिता के साथ कौन काम नहीं करना चाहेगा? मेरी जिंदगी बन गई। थैंक्यू पापा, लव यू।”

संतोषी ने फिल्म के लेखन में मार्गदर्शक रहे मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जावेद साहब ने कहानी सुनने के बाद से लेकर अंत तक फिल्म को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सलाह दीं और उनकी इंसानियत व हिम्मत हमेशा प्रेरित करती है।

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