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Hantavirus Alert: घर और दुकानों में चूहों से है सावधान रहने की जरूरत! हंतावायरस के ‘एंडीज स्ट्रेन’ ने बढ़ाई चिंता

Lucknow Focus News Desk: दुनिया में एक बार फिर वायरस का डर सताने लगा है। इस बार चर्चा में है ‘हंतावायरस’ (Hantavirus), जो मुख्य रूप से चूहों और गिलहरियों के जरिए फैलता है। अटलांटिक महासागर में एक क्रूज शिप ‘एमवी होंडियस’ पर इस बीमारी के फैलने और तीन लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञ अलर्ट पर हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि घर, दुकान या गोदाम में मौजूद आम चूहे भी इस जानलेवा संक्रमण का कारण बन सकते हैं।

कैसे फैलता है हंतावायरस?

हंतावायरस का संक्रमण चूहों के मल, पेशाब और लार के सीधे संपर्क में आने से इंसानों में पहुंचता है।

जब हम चूहों वाली पुरानी जगहों (स्टोर रूम, कोनों) की सफाई करते हैं, तो वहां मौजूद वायरस के कण धूल के साथ हवा में मिल जाते हैं। सांस के जरिए ये शरीर में प्रवेश कर ‘हंतावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम’ पैदा करते हैं।

यूकेएचएसए (UKHSA) की रिपोर्ट के अनुसार, केवल जंगली चूहे ही नहीं, बल्कि पालतू चूहों के पिंजरे साफ करते समय भी लोग संक्रमित हो सकते हैं।

एंडीज स्ट्रेन (Andes Strain): सबसे खतरनाक

क्रूज शिप पर पाए गए मरीजों में ‘एंडीज स्ट्रेन’ की पुष्टि हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्ट्रेन विशेष रूप से खतरनाक है क्योंकि यह एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकता है। आमतौर पर अन्य हंतावायरस स्ट्रेन केवल जानवरों से इंसानों में आते हैं, लेकिन एंडीज स्ट्रेन संक्रमण की चेन बना सकता है।

किसे है सबसे ज्यादा खतरा?

ग्रामीण और खेती वाले इलाके: जहां चूहों की संख्या अधिक होती है।

गंदगी और बंद कमरे: स्टोर रूम, पुराने फर्नीचर वाले गोदाम और लंबे समय से बंद पड़ी दुकानें।

सफाई कर्मचारी: जो बिना सुरक्षा उपकरणों के चूहों वाले स्थानों की सफाई करते हैं।

विशेषज्ञों की सलाह: सफाई करते समय बरतें ये 3 सावधानियां

साउथैम्प्टन यूनिवर्सिटी के डॉ. माइकल हेड के अनुसार, चूहों वाली जगहों की सफाई करते समय इन बातों का ध्यान रखे।

सूखी सफाई या झाड़ू लगाने से पहले पानी का छिड़काव करें। इससे धूल के साथ वायरस हवा में नहीं उड़ेगा।

सफाई के दौरान मास्क (Mask) और गॉगल्स (Goggles) जरूर पहनें, ताकि वायरस नाक, आंख या मुंह के जरिए शरीर में न जाए।

चूहों के पिंजरे या उनके कचरे को सीधे हाथों से न छुएं।

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