दिल्ली में तनाव: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हिंसक, इंटरनेट सेवाएं ठप, राहुल गांधी विपक्ष के साथ पहुंचे ‘गांधी स्मृति’

Lucknow Focus News Desk: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में छात्रों के मुद्दों और पेपर लीक मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक गतिरोध चरम पर पहुंच गया है। बुधवार को जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन एक बार फिर हिंसक हो गया, जिसके बाद एहतियात के तौर पर इलाके में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इसी बीच, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने ‘गांधी स्मृति’ पहुंचकर एक प्रतीकात्मक संकल्प लिया और सरकार के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराया।
जंतर-मंतर पर हिंसा और सुरक्षा स्थिति
जंतर-मंतर पर सीजेपी (CJP) का प्रदर्शन बुधवार को हिंसक रूप ले बैठा। प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए पथराव और बोतलें फेंकने की घटना में कई सुरक्षाकर्मी चोटिल हुए हैं। इस झड़प के दौरान पंजाबी बाग के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ACP) जय प्रकाश के माथे पर पत्थर लगने से वे घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल ले जाने पर मामूली फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है।
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए लुटियंस दिल्ली और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। जंतर-मंतर के आसपास के संवेदनशील इलाकों में इंटरनेट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी का आरोप है कि पुलिस बल द्वारा कनॉट प्लेस (CP) जैसे प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में जबरन दुकानें बंद कराई गईं।
पीएम मोदी का पहला बयान: फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान
इस पूरे गतिरोध और देशव्यापी छात्र आंदोलन के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामले पर पहली बार अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पेपर लीक केस के त्वरित निस्तारण और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ (Fast Track Court) के गठन का ऐलान किया है।



