‘RSS को लेकर बनाया गया गलत विमर्श, संघ के लिए हिंदू कोई धार्मिक पहचान नहीं’- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

Lucknow Focus News Desk: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा और उसके उद्देश्यों को लेकर चल रहे विमर्श (नैरेटिव) पर एक बड़ा और महत्वपूर्ण बयान दिया है। नई दिल्ली में आयोजित एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि संघ के बारे में देश और दुनिया में जानबूझकर एक ऐसी गलत धारणा बनाई गई है कि यह संगठन केवल एक ‘हिंदू राष्ट्र’ का निर्माण करना चाहता है, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल भिन्न है।
‘हिंदू’ शब्द एक सोच और जीवन पद्धति — राजनाथ सिंह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने संघ की वैचारिक परिभाषा को स्पष्ट किया। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे।
गलत नैरेटिव पर प्रहार: राजनाथ सिंह ने कहा कि आरएसएस के इर्द-गिर्द राजनीतिक लाभ या अज्ञानतावश ऐसा विमर्श तैयार कर दिया गया है जिससे उसकी छवि संकुचित दिखे।
धार्मिक नहीं, सांस्कृतिक पहचान: उन्होंने स्पष्ट किया कि लोग यह नहीं जानते कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए ‘हिंदू’ शब्द कोई संकीर्ण या पारंपरिक धार्मिक पहचान नहीं है।
विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा: रक्षा मंत्री के अनुसार, संघ की दृष्टि में ‘हिंदू’ शब्द स्वामी विवेकानंद के दर्शन और विचारों से प्रेरित एक महान सोच, व्यापक संस्कृति और एक उत्कृष्ट जीवन पद्धति (Way of Life) है।
“RSS @100” पुस्तक का विमोचन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को वरिष्ठ राजनेता श्याम जाजू और पत्रकार/लेखक अनुपम त्रिवेदी द्वारा सह-लिखित पुस्तक “RSS @100: A Century of Service, Unity & Sacrifice” के भव्य विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।
इस पुस्तक की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं।
- यह पुस्तक आरएसएस के स्थापना काल से लेकर अब तक के एक सदी (100 वर्ष) के ऐतिहासिक सफर को रेखांकित करती है।
- किताब में संघ द्वारा राष्ट्र सेवा, सामाजिक समरसता, आपदा प्रबंधन और संगठन के स्वयंसेवकों द्वारा देश हित में दिए गए बलिदानों व योगदानों पर विस्तृत प्रकाश डाला गया है।
- रक्षा मंत्री ने पुस्तक के सह-लेखकों श्याम जाजू और अनुपम त्रिवेदी को बधाई देते हुए कहा कि यह अनूठा दस्तावेज संघ के वास्तविक स्वरूप, उसकी कार्यप्रणाली और समाज सेवा के कार्यों को आम जनता के सामने सही और निष्पक्ष परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करने का एक सराहनीय प्रयास है।
- इस गरिमामयी समारोह में राजनीति, नौकरशाही, शिक्षा जगत और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी कई नामचीन व गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं।




