‘बुलबुल के सुरों में रंगों की उड़ान’, नन्हे कलाकारों ने कला से जोड़ा प्रकृति का नाता
लखनऊ पब्लिक कॉलेज और फ्लोरोसेंस आर्ट गैलरी की अनूठी पहल, 40 छात्रों ने टेम्परा तकनीक से कैनवास पर उकेरी प्रकृति की संवेदनाएं

Lucknow Focus News Desk: राजधानी के लखनऊ पब्लिक कॉलेज, सहारा स्टेट शाखा में पांच दिवसीय टेम्परा पेंटिंग कार्यशाला का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। “Voice of Nature and Emotion: BULBUL” शीर्षक वाली इस कार्यशाला ने कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को कला, प्रकृति और सौंदर्यबोध के एक नए धरातल से परिचित कराया। समापन अवसर पर छात्रों द्वारा निर्मित कृतियों की प्रदर्शनी ने अतिथियों और अभिभावकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कला और प्रकृति का सजीव संगम
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों में पर्यावरणीय संवेदनशीलता और रचनात्मक ऊर्जा का विकास करना था। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राज्य संग्रहालय लखनऊ की सहायक निदेशक डॉ. मीनाक्षी खेमका ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, “कला केवल तकनीक नहीं, बल्कि विषय की गहराई को समझने की प्रक्रिया है। बुलबुल केवल एक पक्षी नहीं, बल्कि जीवन में संगीत और संवेदना का संचार करने वाला प्रतीक है।”

विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
राजीव रावत (कलाकार): उन्होंने बुलबुल की विभिन्न प्रजातियों और प्रकृति के साथ उनके संबंधों पर रोचक जानकारी दी।
संध्या यादव (छापाकलाकार): उन्होंने टेम्परा तकनीक की विशेषताओं पर प्रकाश डाला और विद्यार्थियों को प्रकृति के सूक्ष्म अवलोकन के लिए प्रेरित किया।
भूपेंद्र अस्थाना (क्यूरेटर): उन्होंने बताया कि यह कार्यशाला प्रकृति और मानवीय संवेदनाओं के मध्य एक सजीव सेतु है, जो बच्चों में आत्मविश्वास जगाती है।

संगीतमय प्रस्तुति और प्रमाण पत्र वितरण
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने बुलबुल और अन्य पक्षियों पर आधारित एक सुंदर संगीतमय कहानी प्रस्तुत की। विद्यालय की डायरेक्टर (अकादमिक एवं इनोवेशन) नेहा सिंह ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं पारंपरिक कला विधाओं और समकालीन दृष्टिकोण के बीच सेतु का कार्य करती हैं।
समापन के अंत में प्रधानाचार्या मीना तांगड़ी ने छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। अतिथियों द्वारा सभी 40 प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उप-प्रधानाचार्य अमित, हेडमिस्ट्रेस मनीषा और कला विभागाध्यक्ष राजेश कुमार समेत बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।




