UP B.Ed Result: यूपी बीएड प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित, अलीगढ़ की वंदना सिंह बनीं प्रदेश टॉपर, नितिन पचौरी को दूसरा स्थान

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश के शिक्षा जगत से आज की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य के विभिन्न शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों में दाखिले के लिए आयोजित हुई ‘बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा’ का आधिकारिक परिणाम राजधानी लखनऊ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान जारी कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय और उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने संयुक्त रूप से बटन दबाकर परिणाम घोषित किया। इस वर्ष परीक्षा के नतीजों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले का एकछत्र दबदबा देखने को मिला है। अलीगढ़ की होनहार बेटी वंदना सिंह ने पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर टॉप किया है, जबकि अलीगढ़ के ही नितिन पचौरी ने राज्य में दूसरा स्थान हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया है। वहीं, जौनपुर की खुशी प्रदेश में तीसरे स्थान पर रहीं।
‘मातृ देवो भव, पितृ देवो भव’ के मंत्र के साथ राष्ट्र सेवा करें युवा- योगेन्द्र उपाध्याय
परिणाम घोषित करने के बाद सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने एक बेहद प्रेरणादायी और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत संबोधन दिया।
“परीक्षा में उत्तीर्ण होकर आज इन 4 लाख अभ्यर्थियों ने अपने भविष्य की एक नई और पवित्र दिशा तय की है। किसी भी छात्र को यह मुकाम माता-पिता के त्याग और गुरुओं के सच्चे मार्गदर्शन से ही हासिल होता है। हमें ‘गुरु देवो भव, मातृ देवो भव, पितृ देवो भव’ की सनातन भावना के साथ हमेशा अपने राष्ट्र के प्रति समर्पित रहना चाहिए। देशभक्ति केवल सीमा पर खड़े सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज ने हमें जो भी जिम्मेदारी दी है, उसका पूरी ईमानदारी, कड़े परिश्रम और समर्पण से पालन करना ही देश की सच्ची सेवा है।”
AI और अभेद्य टेक्नोलॉजी से बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी ने रचा इतिहास
उच्च शिक्षा मंत्री ने इस बार नोडल एजेंसी रहे बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी और उसकी पूरी टीम की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने परीक्षा प्रणाली में अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी और एआई (Artificial Intelligence) को जोड़कर एक ऐसा अभेद्य और सुरक्षित सिस्टम तैयार किया, जिसने पूरे देश के सामने नजीर पेश की है।
उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि योगी सरकार के आने से पहले उत्तर प्रदेश में परीक्षाओं के दौरान नकल को बढ़ावा देने और पेपर लीक जैसी बातें आम थीं। लेकिन अब लखनऊ विश्वविद्यालय, महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली और इस बार झांसी विश्वविद्यालय ने तकनीक के दम पर पूरी शुचिता, पारदर्शिता और उच्च गोपनीयता के साथ नकलविहीन परीक्षाएं कराकर यूपी में उच्च शिक्षा के स्तर को पूरी तरह सुधार दिया है।
मेधावियों को अलग पहचान दिलाएगा उनका समर्पण- रजनी तिवारी
इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने भी सभी उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज का दिन बीएड करने वाले भावी शिक्षकों के लिए बेहद हर्ष और गौरव का क्षण है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन युवाओं का ज्ञान, व्यावहारिक अनुभव और समाज के प्रति समर्पण ही आने वाले समय में इन्हें देश के सबसे सम्मानित पेशे (शिक्षण) में एक विशिष्ट और अलग पहचान दिलाएगा।
अब काउंसलिंग और दस्तावेज सत्यापन की दौड़; अभ्यर्थी रहें सतर्क
बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा में इस वर्ष भी करीब चार लाख अभ्यर्थियों ने अपनी किस्मत आजमाई थी। परिणाम जारी होने के बाद अब शिक्षा विभाग बहुत जल्द काउंसलिंग शेड्यूल जारी करने जा रहा है।
मेरिट और रैंक: अभ्यर्थियों को उनकी स्टेट रैंक और कैटेगरी रैंक के आधार पर ही प्रदेश के विभिन्न सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी बीएड महाविद्यालयों में सीटें आवंटित की जाएंगी।
दस्तावेज सत्यापन: विभाग ने उम्मीदवारों को सख्त सलाह दी है कि वे अपने सभी शैक्षणिक सर्टिफिकेट्स, जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र तैयार रखें। किसी भी आधिकारिक और लेटेस्ट सूचना के लिए अभ्यर्थी नियमित रूप से शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय के वेब पोर्टल पर अपनी नजर बनाए रखें।
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