UP GST Collection Record: मंदी के माहौल में यूपी का ‘महा-प्रदर्शन’, बड़े राज्यों में देश में नंबर वन

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के बेहतरीन वित्तीय और कर प्रबंधन (Tax Management) के बूते सूबे ने देश के आर्थिक मोर्चे पर एक नया इतिहास रच दिया है। मई महीने के दौरान जहां पूरे देश में माल एवं सेवा कर (GST) संग्रह में सुस्ती का माहौल रहा और राष्ट्रीय स्तर पर इसमें 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, वहीं उत्तर प्रदेश ने इस चुनौतीपूर्ण माहौल में शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 प्रतिशत की धमाकेदार वृद्धि दर्ज की है। इस डबल डिजिट (दो अंकों) की ग्रोथ के साथ यूपी देश के सभी बड़े राज्यों को पछाड़कर जीएसटी विकास दर में पूरे देश में नंबर वन (शीर्ष) स्थान पर पहुंच गया है।
सिर्फ इतना ही नहीं, रिफंड घटाकर वास्तविक राजस्व का आकलन करने वाले ‘शुद्ध जीएसटी संग्रह’ (Net GST Collection) के पैमाने पर भी उत्तर प्रदेश देश भर में दूसरे स्थान पर काबिज हो गया है। करदाताओं की लगातार बढ़ती संख्या और कर चोरी पर लगाम को इस ऐतिहासिक सफलता का मुख्य कारण माना जा रहा है।
आंकड़ों में समझिए यूपी का दबदबा: अन्य बड़े राज्यों की थमी रफ्तार
मई महीने में कुल जीएसटी संग्रह (जिसमें एसजीएसटी, सीजीएसटी और आईजीएसटी शामिल हैं) के जो आंकड़े सामने आए हैं, वे उत्तर प्रदेश की मजबूत क्रय शक्ति (Purchasing Power) और आर्थिक प्रगति को दर्शाते हैं।
यूपी का कुल संग्रह: उत्तर प्रदेश का कुल जीएसटी संग्रह बढ़कर 8,728 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि (मई) के मुकाबले पूरे 13 फीसदी अधिक है।
शुद्ध जीएसटी संग्रह (Net GST) में दूसरा स्थान: एसजीएसटी व आईजीएसटी सेटलमेंट को जोड़ने और केंद्र से मिले रिफंड को घटाने के बाद यूपी का शुद्ध जीएसटी संग्रह 17,169 करोड़ रुपये रहा। इस सूची में महाराष्ट्र 36,825 करोड़ रुपये के साथ पहले और कर्नाटक 16,177 करोड़ रुपये के साथ तीसरे स्थान पर है।
दूसरे राज्यों का हाल (तुलनात्मक रिपोर्ट): जब उत्तर प्रदेश 13% की रफ्तार से बढ़ रहा था, तब देश के अन्य औद्योगिक व बड़े राज्यों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक या नकारात्मक रहा। इस दौरान तमिलनाडु में 15%, राजस्थान में 11%, बिहार में 7% और उत्तराखंड में 19% की भारी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, देश के सबसे बड़े औद्योगिक राज्य महाराष्ट्र की वृद्धि ‘शून्य’ (0%) रही, जबकि गुजरात और कर्नाटक जैसे राज्य महज 1% की कछुआ गति से आगे बढ़े।
ऑल इंडिया ट्रेंड के विपरीत यूपी ने लगाई लंबी छलांग- डॉ. नितिन बंसल
राज्य कर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विभाग की पीठ थपथपाई है। उन्होंने बताया कि पहले राज्य कर विभाग की कर वृद्धि का प्रतिशत भारत सरकार (ऑल इंडिया ट्रेंड) की ग्रोथ के मुकाबले अक्सर कम या उसके बराबर रहता था। लेकिन यह पहली बार है जब अखिल भारतीय स्तर पर ट्रेंड माइनस 3 फीसदी (-3%) रहा और उसके ठीक विपरीत उत्तर प्रदेश ने दोहरे अंकों (Double Digit) की मजबूत ग्रोथ हासिल कर पूरे देश को चौंका दिया है।
छोटे व्यापारियों को सहूलियत और बड़े करदाताओं पर फोकस
आर्थिक विश्लेषकों और विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, इस रिकॉर्डतोड़ राजस्व वृद्धि के पीछे सरकार की ‘कारोबारी-मित्र’ नीतियां हैं।
उपभोक्ता बने ताकत: उत्तर प्रदेश की विशाल आबादी और बढ़ता हुआ उपभोक्ता वर्ग (Consumer Base) राज्य की सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनकर उभरा है।
टारगेटेड फोकस: टैक्स विभाग अब उन चुनिंदा बड़े कारोबारियों और सेक्टर्स पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है, जो टैक्स देने की पूरी क्षमता रखते हैं, जिससे लीकेज बंद हुई है।
व्यापारियों को राहत: सरकार ने छोटे और मध्यम स्तर के व्यापारियों को जटिल कागजी प्रक्रियाओं से मुक्ति देकर कई बड़ी सहूलियतें दी हैं। इसी सुगम माहौल के कारण राज्य में नए करदाताओं (New Taxpayers) की संख्या और पंजीकरण लगातार बढ़ रहे हैं।




