UP Schools MHM Club: यूपी के सरकारी स्कूलों में ‘एमएचएम क्लब’ गठित करेगी योगी सरकार, पैड बैंक और सेनेटरी वेंडिंग मशीन से संवरेंगी बेटियां

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अब सूबे में शिक्षा को सिर्फ पाठ्यक्रम और परीक्षाओं तक सीमित न रखकर बालिकाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और सुरक्षित शैक्षिक वातावरण को भी शिक्षा सुधार का एक अहम हिस्सा बनाने जा रही है। इसी क्रम में प्रदेश के सभी उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में ‘मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन’ (MHM – Menstrual Hygiene Management) क्लब गठित किए जाएंगे। किशोरियों के बीच मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाने, पुरानी झिझक व संकोच को दूर करने और वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए प्रदेश स्तर पर एक व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
योगी सरकार की इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को विद्यालयों में ऐसा सहयोगपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे बिना किसी हिचकिचाहट के स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े विषयों पर खुलकर बात कर सकें। सरकार का स्पष्ट मानना है कि बालिकाओं के स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और सम्मान को मजबूत किए बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और महिला सशक्तीकरण का लक्ष्य अधूरा है।
हर स्कूल में 10 से 12 छात्राओं की बनेगी ‘जागरूक टोली’
जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रदेश के प्रत्येक चिन्हित विद्यालय में 10 से 12 छात्राओं का एक एमएचएम (MHM) क्लब गठित किया जाएगा।
मीना मंच की भूमिका: इन क्लबों का गठन विद्यालयों में पहले से सक्रिय ‘मीना मंच’ की सुगमकर्ताओं (Facilitators) के माध्यम से किया जाएगा।
सहपाठियों को करेंगी जागरूक: इस क्लब की सदस्य छात्राएं स्वयं अपनी सहपाठियों और सहेलियों के बीच मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर जागरूकता फैलाने की कमान संभालेंगी। इसके लिए विद्यालयों में नियमित बैठकें, संवाद सत्र तथा रोचक गतिविधि आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
स्कूल्स में आयोजित होंगे ‘एमएचएम संवाद’ कार्यक्रम, माताएं भी होंगी शामिल
ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों की छात्राओं को जागरूक करने के लिए विद्यालयों में विशेष ‘एमएचएम संवाद’ कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
विशेषज्ञों से सीधी बात: इन संवाद सत्रों में महिला डॉक्टर्स, एएनएम (ANM), स्वास्थ्य विशेषज्ञ और शिक्षिकाएं किशोरियों से सीधे रूबरू होंगी और मासिक धर्म, उचित पोषण, शारीरिक स्वच्छता और किशोरावस्था से जुड़े गंभीर विषयों पर वैज्ञानिक चर्चा करेंगी।
माताओं की सहभागिता: इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि इसमें छात्राओं की माताओं को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा, ताकि किशोरियों को विद्यालय के साथ-साथ उनके घर-परिवार में भी एक सुरक्षित और समझदारी भरा माहौल मिल सके।
स्कूलों में स्थापित होंगे ‘पैड बैंक’ और ‘एमएचएम कॉर्नर’
छात्राओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को संस्थागत रूप देने के लिए योगी सरकार बुनियादी ढांचे में भी बड़ा सुधार कर रही है।
निःशुल्क सेनेटरी पैड: आपातकालीन या आवश्यकता पड़ने पर छात्राओं के लिए विद्यालयों में ‘पैड बैंक’ स्थापित किए जाएंगे, जहां से उन्हें निःशुल्क सेनेटरी पैड मिलेंगे।
इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार: सभी संबंधित स्कूलों में स्वच्छ शौचालय, रनिंग वाटर (नल से जल), डिस्पोजेबल बैग, सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन और इस्तेमाल किए गए पैड्स के सुरक्षित निस्तारण के लिए इन्सिनरेटर (Incinerator) जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा।
वार्षिक कैलेंडर तैयार: विद्यालयों में विशेष ‘एमएचएम कॉर्नर’ विकसित होंगे, जहां स्वास्थ्य संबंधी पोस्टर, इन्फोग्राफिक्स और किताबें उपलब्ध होंगी। इसके लिए जुलाई से अप्रैल तक का एक विस्तृत वार्षिक गतिविधि कैलेंडर भी तैयार किया गया है, जिसके तहत निबंध, पोस्टर, पेंटिंग और स्लोगन प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
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