UP: अब स्कूलों से शुरू होगी फाइलेरिया के खिलाफ जंग; प्रार्थना सभा में बच्चों को जागरूक करेंगे शिक्षक

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और बेसिक शिक्षा विभाग ने हाथ मिला लिया है। प्रदेश के 21 जिलों में शुरू होने जा रहे सर्वजन दवा सेवन (आईडीए) अभियान के तहत अब स्कूली बच्चे न सिर्फ खुद जागरूक होंगे, बल्कि अपने परिवार और समाज के लिए ‘स्वास्थ्य दूत’ की भूमिका भी निभाएंगे।
प्रार्थना सभा में दी जाएगी जानकारी
बुधवार को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) और खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) ने संकल्प लिया कि स्कूलों में होने वाली सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों को फाइलेरिया के खतरों और दवा की जरूरत के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। 10 फरवरी से शुरू होने वाले इस अभियान को लेकर स्कूलों में वाद-विवाद, पोस्टर और पेंटिंग प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी।
अभियान से पहले निकलेगी जागरूकता रैली राज्य फाइलेरिया अधिकारी डॉ. एके चौधरी ने सुझाव दिया कि अभियान शुरू होने से दो दिन पहले बच्चे रैली निकालेंगे ताकि समाज को जागरूक किया जा सके। शिक्षक न केवल ग्रामीणों को दवा खाने के लिए प्रेरित करेंगे, बल्कि खुद भी बच्चों के सामने दवा खाकर उनका डर दूर करेंगे।
किसे खानी है दवा और किसे नहीं?
यह दवा 1 साल से ऊपर के सभी बच्चों और वयस्कों के लिए है। बीपी, शुगर और गठिया के मरीज भी इसे सुरक्षित रूप से खा सकते हैं। गर्भवती महिलाएं, गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति और 1 साल से छोटे बच्चों को यह दवा नहीं दी जाएगी। इसके अलावा ये दवा कभी भी खाली पेट न खाएं।
इन 21 जिलों में चलेगा अभियान: लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज, हरदोई, रायबरेली, शाहजहांपुर, बाराबंकी, उन्नाव, चित्रकूट, प्रतापगढ़, सोनभद्र, कौशांबी, भदोही, अंबेडकरनगर, खीरी, पीलीभीत, औरैया, बांदा, फतेहपुर, बहराइच और बलिया।




