यूपी के युवाओं को मिलेगा स्किल का सुपरपावर! 2025 तक 50% छात्र होंगे व्यावसायिक शिक्षा से लैस

उत्तर प्रदेश में युवाओं को बेहतर रोजगार और व्यावसायिक दक्षता दिलाने के लिए राज्य सरकार की पहल अब तेज़ रफ्तार पकड़ रही है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का समापन बुधवार को होटल सेंट्रम में हुआ।
कार्यशाला के दौरान मिशन के संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत 2025 तक 50% छात्रों को व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि युवाओं को बाजार-उन्मुख प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर मिल सकें।
शिक्षा का एकीकृत ढांचा तैयार
संयुक्त निदेशक ने बताया कि नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCF) एक ऐसा समेकित ढांचा है, जिसमें राष्ट्रीय स्कूल शिक्षा योग्यता फ्रेमवर्क, उच्चतर शिक्षा फ्रेमवर्क और राष्ट्रीय कौशल फ्रेमवर्क को एक साथ जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य शिक्षा के सभी स्तरों को जोड़ना और छात्रों को बहुआयामी दक्षता प्रदान करना है।
अब यूपी में होंगे अपने पाठ्यक्रम
गंगवार ने यह भी जानकारी दी कि अब उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद को अवार्डिंग बॉडी का दर्जा मिल चुका है। इससे राज्य की आवश्यकताओं के अनुसार नए पाठ्यक्रम डिजाइन कर उन्हें क्रियान्वित किया जा सकेगा।
प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर रहेगा फोकस
कार्यशाला के दूसरे सत्र में विजय नामदेव ने मिशन के पोर्टल के तकनीकी प्रबंधन पर जानकारी दी। वहीं, प्रमुख सचिव कौशल विकास एवं उद्यमशीलता डॉ. हरिओम ने कहा कि, “प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार के लिए रणनीतिक योजना, नवाचार, तकनीकी समावेशन और जवाबदेही जैसे बिंदुओं को प्राथमिकता दी जाएगी।”




