हेल्थ एंड वेलनेस

अब समोसे-जलेबी से पहले चेतावनी पढ़ना होगा ज़रूरी! स्वास्थ्य मंत्रालय का नया फरमान

Lucknow Focus News Desk: सुबह की चाय के साथ गरमागरम समोसा, कुरकुरी कचौड़ी या मीठी जलेबी का नाम सुनते ही मुंह में पानी आना लाज़मी है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि स्वाद के इस चक्कर में आपकी सेहत पर क्या बीतती है?

एक सामान्य समोसे में लगभग 261 कैलोरी और 17 ग्राम फैट होता है। वहीं, 100 ग्राम जलेबी में 356 कैलोरी, और कचौड़ी में करीब 400 कैलोरी व 25 ग्राम फैट तक होता है। 10 पकौड़ों में भी 190 कैलोरी और 14 ग्राम फैट छिपा होता है।

अब तक ये जानकारी सिर्फ न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स या डाइट चार्ट में ही मिलती थी, लेकिन अब हर किसी को पता चलेगा। स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सभी सरकारी मंत्रालयों की कैंटीनों में ऐसे खाद्य पदार्थों पर ‘स्वास्थ्य चेतावनी’ बोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया है।

जिस तरह सिगरेट के पैकेट पर “धूम्रपान सेहत के लिए हानिकारक है” लिखा होता है, वैसे ही अब कैंटीन में समोसे, जलेबी, पकौड़े आदि के पास एक चेतावनी बोर्ड होगा, जिसमें लिखा होगा कि इनमें कितनी कैलोरी और कितना फैट है।

प्रधानमंत्री की सलाह से मिली प्रेरणा

ये फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस सलाह के बाद आया है जिसमें उन्होंने लोगों से खाने में कम से कम 10% तेल घटाने की अपील की थी। हेल्थ मिनिस्ट्री ने ICMR (भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद) की एक स्टडी का भी हवाला दिया है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि अगर अभी से सावधानी नहीं बरती गई तो 2050 तक देश की 75% आबादी मोटापे (ओबेसिटी) से जूझेगी।

स्वाद के पीछे छिपी पसीने की सच्चाई

  • हम सब खाने का स्वाद तो ले लेते हैं, लेकिन उन कैलोरीज़ को जलाने के लिए मेहनत कोई नहीं करना चाहता।
  • एक समोसे की कैलोरी को बर्न करने के लिए 30 मिनट एक्सरसाइज़ करनी होगी
  • 100 ग्राम जलेबी खा ली, तो 1 घंटा योगा करना पड़ेगा

सिर्फ 100 कैलोरी घटाने के लिए:

  • 10 मिनट सीढ़ियाँ चढ़ना, या
  • 30 मिनट तेज़ वॉक, या
  • 7 मिनट स्किपिंग, या
  • 30 मिनट डांस ज़रूरी है

अब स्वाद से पहले सोचिए

स्वास्थ्य मंत्रालय का ये कदम लोगों को उनके खानपान को लेकर जागरूक और ज़िम्मेदार बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। यह सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि स्वस्थ भारत की ओर बढ़ाया गया एक ज़रूरी क़दम है।

अब समोसे से पहले चेतावनी पढ़िए, और फिर सोचिए– स्वाद ज़रूरी है या सेहत?

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