‘यह सिस्टम जनरेटेड नोटिस है, नाम हटाने की प्रक्रिया नहीं’, कपिल सिब्बल को SIR नोटिस मिलने के दावे पर CEO दिल्ली की सफाई

Lucknow Focus News Desk: राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल द्वारा दिल्ली में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत नोटिस मिलने का दावा किए जाने के बाद, दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने 6 बिंदुओं में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। चुनाव आयोग ने साफ किया है कि नोटिस जारी होने का अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि संबंधित मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाया जा रहा है। इससे पहले दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल से जुड़ी भी ऐसी खबरें सामने आई थीं।
सिस्टम जनरेटेड नोटिस: आयोग ने बताया कि ये नोटिस केवल ECINET पोर्टल पर मतदाताओं के डेटा को सटीक और दुरुस्त करने के लिए स्वचालित रूप से (सिस्टम द्वारा) भेजे गए हैं।
लिंकिंग में विसंगति: नोटिस मुख्य रूप से उन मतदाताओं को जारी किए गए हैं, जिनका पिछला इंटेंसिव रिवीजन डेटा से सही लिंक नहीं हो पाया या जिनके रिकॉर्ड में कोई विसंगति पाई गई है।
सुनवाई का अधिकार: आयोग ने स्पष्ट किया कि किसी भी नागरिक का नाम बिना उन्हें अपनी बात रखने और सुनवाई का पूरा अवसर दिए मतदाता सूची से नहीं हटाया जा सकता।
जवाब और दस्तावेज जमा करने का विकल्प: जिन लोगों को नोटिस मिला है, वे अपने आवश्यक दस्तावेज और जवाब संबंधित BLO या ERO दफ्तर में जमा करा सकते हैं। 31 अगस्त 2026 को जारी ड्राफ्ट सूची अंतिम नहीं है।
अंतिम प्रकाशन की तारीख: आयोग SIR 2026 के तय शेड्यूल के मुताबिक सभी नोटिस मामलों का निपटारा 29 अक्टूबर 2026 तक पूरा करेगा, जिसके बाद 4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।




