उत्तर प्रदेश

सावन में काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन होंगे खास, वीआईपी एंट्री बंद, डिजिटल दर्शन की सुविधा

Lucknow Focus News Desk: सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही बाबा विश्वनाथ के दर्शन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस बार काशी विश्वनाथ धाम में एक करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधा के व्यापक इंतजाम किए हैं। खास बात यह है कि इस बार सावन भर वीआईपी या वीवीआईपी दर्शन पूरी तरह से बंद रहेंगे। बाबा के दर्शन के लिए सभी को लाइन में लगना होगा।

इन रास्तों से मिलेगा प्रवेश

श्रद्धालुओं को मंदिर में गेट नंबर-4, नंदू फारिया, सिल्को गली, ढुंढिराज और सरस्वती फाटक से प्रवेश दिया जाएगा। हालांकि, गंगा में संभावित बाढ़ के चलते ललिता घाट से एंट्री पर अस्थायी रोक लगाई जा सकती है।

बुजुर्ग, दिव्यांगजन और छोटे बच्चों की सुविधा के लिए गोदौलिया से मैदागिन तक फ्री ई-रिक्शा सेवा चलाई जाएगी, जिससे उन्हें मंदिर तक पहुंचने में परेशानी न हो।

नहीं होगा कोई वीआईपी दर्शन

मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने स्पष्ट किया कि सावन भर कोई भी प्रोटोकॉल दर्शन (VIP Entry) नहीं होगा। सभी भक्तों को समान रूप से कतार में लगकर ही बाबा के दर्शन का सौभाग्य मिलेगा।

उन्होंने लोगों को आगाह किया कि कोई भी व्यक्ति यदि विशेष दर्शन या प्रसाद के बदले पैसे मांगे, तो वह ठगी का प्रयास कर रहा है। ऐसी स्थिति में निकटतम पुलिस या मंदिर कर्मचारी को तुरंत सूचना दें।

हर सोमवार को होगा अलग-अलग शृंगार

14 जुलाई – चल प्रतिमा शृंगार

21 जुलाई – गौरी-शंकर शृंगार

28 जुलाई – अर्धनारीश्वर शृंगार

4 अगस्त – रुद्राक्ष शृंगार

9 अगस्त (पूर्णिमा) – झूला शृंगार

डिजिटल दर्शन की भी सुविधा

श्रद्धालु अगर मंदिर नहीं आ सकते तो बाबा के दर्शन ऑनलाइन भी कर सकते हैं। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर भर में डिजिटल स्क्रीन लगाई जा रही हैं, जहां आरती और शृंगार के लाइव दर्शन होंगे। इसके साथ ही श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के यूट्यूब चैनल पर भी दर्शन की लाइव स्ट्रीमिंग की जाएगी।

स्वास्थ्य सेवाएं रहेंगी चौकस

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर में पांच स्थानों पर मेडिकल टीम तैनात की जाएगी। हर पाली में दो डॉक्टरों की टीम मौजूद रहेगी। साथ ही दो एंबुलेंस, जिनमें से एक में एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम भी होगा, इमरजेंसी के लिए उपलब्ध रहेगी।

खोया-पाया केंद्र और राहत सामग्री की व्यवस्था

बड़े जनसमूह को देखते हुए मंदिर परिसर में 6 स्थानों पर खोया-पाया केंद्र बनाए गए हैं:

मंदिर प्रांगण

शंकराचार्य चौक

गेट नंबर 1 (गंगा निकास द्वार)

गेट नंबर 2 (सरस्वती फाटक)

गेट नंबर 4 (मुख्य प्रवेश मार्ग)

ललिता घाट

परिवार से बिछड़ने पर श्रद्धालु यहां सहायता प्राप्त कर सकेंगे।

साथ ही ओआरएस घोल, ग्लूकोज, टॉफी, बिस्किट और सूक्ष्म जलपान जैसी सुविधाएं भी श्रद्धालुओं को दी जाएंगी। गुड़ और शुद्ध पेयजल के भी अतिरिक्त काउंटर लगाए जा रहे हैं।

श्री काशी विश्वनाथ धाम इस बार सावन में आध्यात्मिक आस्था और प्रशासनिक प्रबंधन का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। हर भक्त को समान सम्मान के साथ बाबा के दर्शन का अवसर मिलेगा और किसी को भी VIP विशेषाधिकार नहीं मिलेगा। यदि आप सावन में बाबा के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो यह वर्ष आपके लिए विशेष होगा।

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