विशेष

कविता: हर मोड़ पर साथ चलते हैं

कुछ रिश्ते अनमोल होते हैं,

जो रूह से बातें करते हैं।

 

कभी राहों में जब भी भटकें,

वो हाथ थामकर राह दिखाते हैं।

 

​ये दोस्त नहीं, आईने होते हैं,

जो मुझमें मुझे ही दर्शाते हैं।

 

मेरे सारे डर, सारी कमियां,

उनकी परछाई में छुप जाते हैं।

 

​जब खुशियाँ हों, तो वो खिलखिलाते हैं,

मेरे चेहरे पर हंसी बन कर आते हैं।

 

जब ग़म हों, तो वो चुपके से,

आँसुओं को भी मुस्कान बना जाते हैं।

 

​ये वो रिश्ते हैं जो बिना बोले,

हर बात को समझ लेते हैं।

ये वो साथी हैं जो ज़िन्दगी के,

हर मोड़ पर साथ चलते हैं।

रीतेश श्रीवास्तव

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