हेल्थ एंड वेलनेस

दही बनाम योगर्ट: जानें क्या है अंतर और आपकी सेहत के लिए कौन सा है ज्यादा बेहतर?

Lucknow Focus News Desk: आजकल लोग अपनी सेहत और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए डाइट में फर्मेंटेड डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे दही और योगर्ट को खूब शामिल कर रहे हैं। हालांकि, कई लोग दोनों को एक ही समझ लेते हैं, जबकि इनके बनाने के तरीके, बैक्टीरियल कल्चर और पोषण संरचना में काफी अंतर होता है।

दही और योगर्ट में प्रमुख अंतर

बनाने की प्रक्रिया: दही को सामान्य रूप से दूध में पुराने दही (जामन) की थोड़ी मात्रा मिलाकर प्राकृतिक रूप से जमाया जाता है। वहीं, योगर्ट को निर्धारित बैक्टीरियल कल्चर (जैसे Lactobacillus bulgaricus और Streptococcus thermophilus) और नियंत्रित तापमान में तैयार किया जाता है।

गट हेल्थ और प्रोबायोटिक्स: दोनों ही आंतों के लिए फायदेमंद हैं। लेकिन अगर आप बाजार से योगर्ट खरीद रहे हैं, तो पैकेट पर “Live and Active Cultures” जरूर जांचें ताकि पर्याप्त प्रोबायोटिक्स मिल सकें।

लैक्टोज और पाचन: फर्मेंटेशन के कारण दोनों में लैक्टोज की मात्रा सामान्य दूध से कम होती है, जिससे इन्हें पचाना आसान होता है। हालांकि, लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले लोगों में इसकी सहनशीलता अलग-अलग हो सकती है।

वेट मैनेजमेंट और कैलोरी: घर का सादा दही या बिना चीनी (Unsweetened) वाला प्लेन योगर्ट वजन घटाने में मददगार होता है। बाजार में मिलने वाले फ्लेवर्ड योगर्ट से बचें, क्योंकि इनमें एडेड शुगर और कैलोरी की मात्रा अधिक होती है।

सेहत के लिए दोनों ही अपनी-अपनी जगह बेहतर हैं। अगर घर का ताजा, सादा दही उपलब्ध है तो वह एक बेहतरीन प्राकृतिक विकल्प है। वहीं, यदि आप योगर्ट चुन रहे हैं तो प्लेन और लो-शुगर विकल्प ही चुनें। किसी भी विशेष स्वास्थ्य समस्या या एलर्जी की स्थिति में आहार विशेषज्ञ (Dietitian) की सलाह लें।

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