उत्तर प्रदेश

8वें वेतन आयोग और OPS की मांग: 23 सितंबर को देशभर में प्रदर्शन करेंगे सरकारी कर्मचारी

Lucknow Focus News Desk: केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ अपनी लंबित मांगों को लेकर देशभर के सरकारी कर्मचारी अब सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने घोषणा की है कि 23 सितंबर को देशभर के जिला मुख्यालयों पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

यह फैसला लखनऊ में उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता कमल अग्रवाल ने की। इस बैठक में देशभर के सैकड़ों पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।

क्या हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें?

  • सुभाष लांबा ने कहा कि केंद्र सरकार ने घोषणा के साढ़े सात महीने बाद भी आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की अधिसूचना जारी नहीं की है, जिससे कर्मचारियों में भारी गुस्सा है।
  • कर्मचारी PFRDA एक्ट को रद्द कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार ने UPS लागू कर उनके साथ धोखा किया है।
  • उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने सरकार के संविदा कर्मियों को लेकर स्वीकृत प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव संविदा कर्मियों को हमेशा संविदा पर ही रखने का एक तरीका है, जो उन्हें मंजूर नहीं है। उन्होंने सभी संविदा कर्मियों को तुरंत नियमित करने की मांग की।
  • कर्मचारियों का कहना है कि सरकार बड़े पूंजीपतियों के कर्ज माफ कर रही है, लेकिन 18 महीने से बकाया महंगाई भत्ता और महंगाई राहत जारी नहीं कर रही है।
  • बैठक में सरकार द्वारा पूर्वांचल और दक्षिणांचल डिस्कॉम को निजी हाथों में सौंपने के फैसले की भी कड़ी निंदा की गई और विद्युत कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन किया गया।

कर्मचारी नेताओं ने साफ कहा कि अगर उनकी मांगों पर जल्द ही कोई बातचीत नहीं हुई और उनका समाधान नहीं निकाला गया तो वे प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

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