संसद के दोनों सदनों से ऐतिहासिक ‘वंदे मातरम् बिल’ पारित, अब राष्ट्रगीत के अपमान पर होगी 3 साल तक की जेल

Lucknow Focus News Desk: संसद में विपक्ष के भारी हंगामे और गतिरोध के बावजूद ऐतिहासिक ‘वंदे मातरम् बिल’ को दोनों सदनों से मंजूरी मिल गई है। बुधवार, 29 जुलाई को राज्यसभा से हरी झंडी मिलने के बाद, आज गुरुवार, 30 जुलाई को इस विधेयक को लोकसभा ने भी पारित कर दिया। दोनों सदनों से पास होने के बाद अब यह बिल अंतिम मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा, जिसके बाद यह देश भर में कानून के रूप में लागू हो जाएगा।
अपमान करने या बाधा डालने पर 3 साल की सजा का प्रावधान
इस नए कानून के लागू होने के बाद भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ जैसी ही कानूनी सुरक्षा प्राप्त होगी। नए नियमों के तहत वंदे मातरम् का जानबूझकर अपमान करना एक दंडनीय अपराध माना जाएगा।
राष्ट्रीय गीत गाए जाने के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करना या किसी को इसे गाने से रोकना अपराध की श्रेणी में आएगा।
कानून का उल्लंघन करने या राष्ट्रगीत का अपमान करने पर तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। (यह सजा ठीक वैसी ही है, जैसी राष्ट्रगान का अपमान करने पर प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट के तहत मिलती है)।
स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका और कानून की जरूरत
इस विधेयक को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने 24 जुलाई को राज्यसभा में पेश किया था। सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय गीत की गरिमा और पवित्रता की रक्षा के लिए यह कानून बेहद जरूरी था, क्योंकि वंदे मातरम् ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान क्रांतिकारियों और देशवासियों को एकजुट करने में एक अद्वितीय व महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
आधिकारिक कार्यक्रमों के लिए नए दिशा-निर्देश
इस बिल में राष्ट्रीय गीत के सभी छह छंदों (stanzas) को गाने का प्रावधान शामिल किया गया है। इसके अलावा, गृह मंत्रालय के निर्देशों के तहत राज्यों के लिए नए नियम तय किए गए हैं।
सभी आधिकारिक और सरकारी कार्यक्रमों में, जहां राष्ट्रगान बजाया जाता है, वहां अब पहले राष्ट्रीय गीत (वंदे मातरम्) बजाया या गाया जाएगा।
जब भी राष्ट्रीय गीत गाया या बजाया जाएगा, तो वहां मौजूद सभी लोगों को ‘अटेंशन’ (सावधान) की मुद्रा में खड़े होना अनिवार्य होगा।
हंगामे के कारण लोकसभा स्थगित
विपक्ष के भारी विरोध और नारेबाजी के बीच जैसे ही लोकसभा से वंदे मातरम् बिल पारित हुआ, सदन में हंगामा और बढ़ गया। इसके तुरंत बाद लोकसभा की कार्यवाही को शुक्रवार, 31 जुलाई की सुबह तक के लिए स्थगित कर दिया गया।




