सौ से अधिक प्रकार के अन्न को पचाने में सक्षम है अजवाइन, आयुर्वेद में चूर्ण, काढ़ा और पानी के रूप में प्रयोग से मिलते हैं बेहतरीन फायदे

Lucknow Focus News Desk: भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाला छोटा सा मसाला ‘अजवाइन’ केवल स्वाद बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह औषधीय गुणों का खजाना भी है। आयुर्वेद में इसे पेट से जुड़ी कई बीमारियों को दूर करने के लिए ‘अमृत’ समान माना गया है। आचार्य बालकृष्ण के अनुसार, अजवाइन चूर्ण, काढ़े और पानी के रूप में कई शारीरिक समस्याओं से राहत दिलाती है।
अजवाइन के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ व घरेलू नुस्खे
सीने की जलन और एसिडिटी: अधिक मसालेदार भोजन के बाद सीने में जलन होने पर 1 ग्राम अजवाइन को 1 बादाम की गिरी के साथ चबाकर या पीसकर खाने से तुरंत राहत मिलती है।
पेट दर्द और मरोड़ से राहत: अजवाइन, सेंधा नमक, हरड़ और सोंठ को बराबर मात्रा में मिलाकर बनाए गए चूर्ण को 1-2 ग्राम गुनगुने पानी के साथ लेने से पेट दर्द में आराम मिलता है।
पाचन तंत्र को मजबूती: पेट संबंधी लगातार बनी रहने वाली समस्याओं में 1 भाग अजवाइन, आधा भाग काली मिर्च और सेंधा नमक मिलाकर पीस लें। सुबह-शाम 1-2 ग्राम चूर्ण गुनगुने पानी से लेने से पाचन दुरुस्त होता है।
खट्टी डकारों से बचाव: 250 ग्राम अजवाइन को 1 लीटर गोमूत्र में भिगोकर 7 दिनों तक छाया में सुखा लें। इस चूर्ण का 1-2 ग्राम सेवन करने से जलोदर, खट्टी डकारें और पेट की गुड़गुड़ाहट शांत होती है।
(अस्वीकरण: ये उपाय सामान्य जानकारी पर आधारित हैं। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या डाइट में बदलाव से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।)




