उत्तर प्रदेश

फाइलेरिया उन्मूलन पर केंद्रीय टीम का दौरा: कानपुर-फतेहपुर में अभियान का जायजा, दिए अहम सुझाव

Lucknow Focus News Desk: केंद्र सरकार की तीन सदस्यीय टीम ने रायबरेली और फतेहपुर के बाद कानपुर और कानपुर देहात में चल रहे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान (एमडीए) का जायजा लिया। इस टीम का नेतृत्व लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. एस.के. रसानिया ने किया। दो दिवसीय दौरे के बाद, टीम ने अभियान की खामियों को दूर करने और इसे और प्रभावी बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

केंद्रीय टीम के अहम सुझाव

केंद्रीय टीम ने अपने निरीक्षण के बाद जिला और ब्लॉक स्तर पर कुछ बदलाव करने की सिफारिश की। टीम ने कहा कि जिला और ब्लॉक, दोनों ही स्तरों पर निगरानी को मजबूत किया जाए। दवा लेने के बाद जिन लोगों को साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, उन्हें विशेष सहायता दी जाए। किसी भी अप्रत्याशित समस्या से निपटने के लिए रैपिड रिस्पांस टीमों को सक्रिय किया जाए। राज्य फाइलेरिया अधिकारी डॉ. ए.के. चौधरी ने इन सुझावों से सहमति जताई और इन्हें जल्द से जल्द लागू करने का वादा किया।

रात में चौपाल और डुग्गी बजाकर जागरूकता

केंद्रीय टीम ने अपनी फील्ड विजिट के दौरान कई गांवों का दौरा किया। कानपुर के बिधनु ब्लॉक के मटियारा गांव में टीम ने पाया कि यहाँ के प्रधान और कोटेदार की मदद से सीएचओ-पीएसपी समूह सक्रिय है। यहाँ के ग्रामीणों ने बताया कि गाँव में रात में चौपाल लगाकर लोगों को जागरूक किया जाता है, जिससे 65 से 70 प्रतिशत लोग खुद आगे आकर दवा खा रहे हैं।

इसी तरह, घाटमपुर ब्लॉक के राहा गांव में भी टीम ने पीएसपी सदस्यों की मदद से घर-घर जाकर निरीक्षण किया। पतारा ब्लॉक के सेवढारी गांव में भी टीम ने डुग्गी पिटवाकर जागरूकता फैलाने के प्रयासों की सराहना की।

कानपुर देहात के मलासा ब्लॉक के हासेमऊ गांव में टीम ने एक मरीज से मिलकर उसका हालचाल जाना और आशा कार्यकर्ताओं के काम की तारीफ की। हालाँकि, कुछ परिवारों ने अभी भी दवा लेने से इनकार किया है, जिस पर टीम ने ध्यान देने को कहा है।

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