उत्तर प्रदेश

सुस्ती: गंगाजल को तरस रही ताजनगरी, प्रोजेक्ट में दो साल की देरी व तीन बार बढ़ चुकी है मियाद, अब अगले वर्ष की हो रही बात

पीएम मोदी ने 9 जनवरी, 2019 को आगरा में गंगाजल प्रोजेक्ट का किया था लोकार्पण

आगरा। शाहगंज, अवधपुरी, प्रताप नगर, गढ़ी भदौरिया, मारुति एस्टेट आदि कॉलोनियों के लाखों लोगों को अब अगले वर्ष ही गंगाजल मिलने की संभावना है। जलनिगम के अधिकारी तीन बार गंगाजल प्रोजेक्ट पूरा करने की अवधि बढ़ा चुके हैं। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले 9 जनवरी को आगरा में गंगाजल प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया था।

कई कालोनियों में कनेक्शन देने का काम अभी है अधूरा
180 करोड़ रुपये की लागत वाली अमृत-3 और अमृत-4 योजना शाहगंज क्षेत्र में अप्रैल, 2021 में पूरा होना था, पर अब 2023 में ही लोग गंगाजल प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि सिकंदरा वाटरवर्क्स को गंगाजल तो मिलने लगा है परंतु शहर में वितरण नेटवर्क तैयार ही नहीं होने से यह बिलंब हो रहा है। विनय नगर, मारुति स्टेट, मनु विहार, सुभाष नगर, गोकुल नगर, सुलहकुल नगर, धीर नगर, बीधा नगर, मारुति एन्क्लेव, राधिका विहार रोड, अलबतिया, गढ़ी भदौरिया, गुम्मट पार्क, शंकरगढ़ पुलिया, आजमपाड़ा, आवास विकास कॉलोनी, राम मोहन नगर, केशवकुंज, जवाहरपुरम, अवधपुरी, सैनिक नगर, बालाजीपुरम, कलाकुंज आदि कालोनियों के 20 हजार घरों में गंगाजल पहुंचाने के लिए कनेक्शन देने का काम अभी अधूरा है।

स्थानीय विधायक का वादा नही हो सका पूरा
आगरा दक्षिण क्षेत्र के विधायक और अब उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने तो 2021 में अप्रैल से पहले शाहगंज क्षेत्र में गंगाजल देने का वादा किए थे लेकिन उनका वादा पूरा नहीं हो पा रहा। दिवाली के बाद उच्च शिक्षा मंत्री उन्होंने मारुति एस्टेट, सुभाष नगर, कला कुंज में निरीक्षण कर जलनिगम को पानी देने के लिए कहा, पर ठेकेदार और इंजीनियरों ने उनकी एक न सुनी। मारुति एस्टेट और कला कुंज में आधे पाइप ही बिछाए गए, जबकि सुभाष नगर में पाइप लाइन बिछाने का काम ही शुरू नहीं किया गया। क्षेत्रीय लोगों में इसे लेकर बेहद नाराजगी है।

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