उत्तर प्रदेश

MIET मेरठ में 21 अगस्त से अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, ‘Bio-AI इनोवेशन’ पर जुटेंगे देश-विदेश के दिग्गज वैज्ञानिक

Lucknow Focus News Desk: मेरठ इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (MIET), मेरठ का बायोटेक्नोलॉजी विभाग और एकेडमिक पार्टनर ग्रीन पेटल्स ट्रस्ट, मेरठ संयुक्त रूप से 21 से 23 अगस्त 2026 तक तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करने जा रहे हैं। “सस्टेनेबल बायोटेक्नोलॉजी और पर्यावरण के लिए Bio-AI इनोवेशन (BAISBE-2026)” विषय पर आधारित यह सम्मेलन हाइब्रिड मोड में आयोजित होगा। इसमें भारत और विदेशों के प्रमुख वैज्ञानिक, शिक्षाविद, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ और छात्र भाग लेंगे तथा बायोटेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और पर्यावरणीय स्थिरता में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका पर चर्चा करेंगे।

सम्मेलन का उद्देश्य और दायरा

MIET, मेरठ के डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) संजय कुमार सिंह ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य इनोवेटिव रिसर्च को प्रस्तुत करने, अंतर-विषयक सहयोग को बढ़ावा देने और Bio-AI, कम्प्यूटेशनल बायोटेक्नोलॉजी, सस्टेनेबल बायोटेक्नोलॉजी, AI-आधारित हेल्थकेयर, नैनो-बायोटेक्नोलॉजी, बायो-इकोनॉमी, एनवायरनमेंटल बायोटेक्नोलॉजी और बायो-फार्मास्युटिकल इनोवेशन में नई तकनीकी प्रगति पर वैश्विक मंच प्रदान करना है।

150 से अधिक शोध पत्र और स्कोपस प्रकाशन

BAISBE-2026 के कन्वीनर व बायोटेक्नोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अविनाश सिंह ने जानकारी दी कि भारत व विदेशों की प्रमुख यूनिवर्सिटीज, रिसर्च संस्थानों और इंडस्ट्रीज से 150 से अधिक रिसर्च पेपर और एब्स्ट्रैक्ट प्राप्त हुए हैं। पीयर रिव्यू के बाद उच्च-गुणवत्ता वाले चुने गए रिसर्च पेपर स्कोपस-इंडेक्स्ड (Scopus-indexed) जर्नल्स में प्रकाशित किए जाएंगे, जबकि अन्य स्वीकृत पेपर ISBN के साथ कॉन्फ्रेंस प्रोसीडिंग्स में शामिल होंगे।

वैश्विक विशेषज्ञों और दिग्गजों की मौजूदगी

ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. गौरव मिश्रा और ग्रीन पेटल्स ट्रस्ट के डायरेक्टर श्री एसपी वर्मा के अनुसार, सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि द्वारा किया जाएगा, जहां स्मारिका (सवेनियर) और एब्स्ट्रैक्ट बुक जारी की जाएगी:

गेस्ट ऑफ ऑनर: यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास रियो ग्रांडे वैली (USA) के प्रख्यात कैंसर वैज्ञानिक प्रो. (डॉ.) सुभाष सी. चौहान ऑनलाइन माध्यम से जुड़ेंगे। वे कैंसर बायोलॉजी, प्रिसिजन मेडिसिन, नैनोमेडिसिन और टारगेटेड ड्रग डिलीवरी पर अपने शोध के लिए जाने जाते हैं।

प्रमुख कीनोट वक्ता: भारत सरकार के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. के. विजय राघवन; BRIC इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज (ओडिशा) के डायरेक्टर प्रो. देबासिस डैश; IIT कानपुर के प्रो. आर. शंकररामाकृष्णन; NIPGR (नई दिल्ली) के प्रो. उदय सक्सेना; जेनेनटेक (USA) के डॉ. विवेक यादव; बायोमिमिक्री शोधकर्ता जेनिन बेनियस; और यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड (ऑस्ट्रेलिया) के प्रो. अली सूफास्तई मुख्य भाषण देंगे।

अंतर-विषयक सहयोग और भविष्य की राह

आयोजकों ने जोर दिया कि आज की वैज्ञानिक प्रगति इंटरडिसिप्लिनरी सहयोग पर निर्भर करती है। बायोटेक्नोलॉजी और एनवायरनमेंटल साइंसेज के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का यह तालमेल प्रिसिजन हेल्थकेयर, सस्टेनेबल डेवलपमेंट और भविष्य की शिक्षा के लिए नए अवसर खोलेगा।

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