Eye Care Tips: चश्मे की जगह रोज लगा रहे हैं कॉन्टैक्ट लेंस? तो पहले जान लें डॉक्टर के मुताबिक कितने घंटे पहनना है सुरक्षित, वरना रोशनी पर आ सकती है आंच

Lucknow Focus News Desk: आधुनिक लाइफस्टाइल और फैशन के इस दौर में अब आंखों की कमज़ोर नजर के लिए चश्मा (Glasses) पहनना पुरानी बात होती जा रही है। कॉलेज जाने वाले युवाओं से लेकर कॉर्पोरेट ऑफिस में काम करने वाले प्रोफेशनल्स और फैशन पसंद लोगों की पहली पसंद अब कॉन्टैक्ट लेंस (Contact Lenses) बन चुके हैं। कुछ लोग चश्मे की रोज-रोज की झंझट और उसे बार-बार साफ करने की परेशानी से बचने के लिए इसे चुनते हैं, तो कुछ अपने चेहरे को अधिक आकर्षक और खूबसूरत दिखाने के लिए रंग-बिरंगे (Colored Lenses) लेंस का इस्तेमाल करते हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि सुविधा और स्टाइल का यह शॉर्टकट आपकी अनमोल आंखों के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकता है? जाने-अनजाने में की गई एक छोटी सी लापरवाही धीरे-धीरे आपकी आंखों की रोशनी को बेहद कमजोर कर सकती है।
घंटों लेंस पहने रखना और लगाकर सो जाना- सबसे बड़ी भूल
अक्सर देखा गया है कि लोग सुबह घर से निकलते समय आंखों में लेंस फिट कर लेते हैं और फिर देर रात तक उन्हें निकालते नहीं हैं। यहाँ तक कि कई लोग इतने लापरवाह होते हैं कि रात को थकान के कारण लेंस लगाकर ही सो जाते हैं।
नेत्र रोग विशेषज्ञों (Ophthalmologists) के मुताबिक, आंखों की कॉर्निया को ऑक्सीजन की सख्त जरूरत होती है। जब हम लगातार कई घंटों तक लेंस पहने रहते हैं, तो आंखों तक ऑक्सीजन का प्रवाह रुक जाता है, जिससे आंखों में कई तरह की गंभीर बीमारियां पनपने लगती हैं।
विशेषज्ञों की राय: आखिर कितनी देर तक लेंस पहनना है पूरी तरह सुरक्षित?
लेंस पहनने की सुरक्षित अवधि इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस क्वालिटी और किस प्रकार का लेंस इस्तेमाल कर रहे हैं। डॉक्टरों ने इसके लिए कुछ मानक तय किए हैं:
सामान्य अवधि: आमतौर पर विशेषज्ञ रोजाना 8 से 12 घंटे तक ही लेंस पहनने की सलाह देते हैं। इस समय सीमा के बाद आंखों को हवा और आराम की सख्त जरूरत होती है।
शुरुआती यूजर्स के लिए: यदि आप पहली बार लेंस का इस्तेमाल करना शुरू कर रहे हैं, तो पहले कुछ दिनों तक इसे सिर्फ 4 से 5 घंटे ही पहनें, ताकि आपकी आंखों को इसकी आदत हो सके।
सेंसिटिव आंखें: अगर आपकी आंखें जल्दी ड्राई (सूखती) हो जाती हैं या उनमें संवेदनशीलता (Sensitivity) ज्यादा है, तो आपको लेंस पहनने का समय और भी कम रखना चाहिए।
थंब रूल: रात को बिस्तर पर जाने यानी सोने से पहले लेंस को आंखों से बाहर निकालना अनिवार्य है।
लंबे समय तक लेंस पहनने के 5 बड़े साइड इफेक्ट्स (खतरे)
यदि आप तय सीमा से ज्यादा देर तक लगातार कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको निम्नलिखित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है:
आंखों में गंभीर सूखापन (Dry Eyes): शाम होते-होते आंखों में खिंचाव और पानी सूखने की समस्या होने लगती है।
आंखों का बार-बार लाल होना (Redness): पर्याप्त ऑक्सीजन और आराम न मिलने के कारण आंखों की नसें तन जाती हैं और आंखें लाल दिखने लगती हैं।
जलन और लगातार चुभन: लंबे समय तक लेंस के घर्षण (Friction) से आंखों के भीतर हर वक्त कुछ चुभने जैसा महसूस होता है।
धुंधला दिखाई देना (Blurred Vision): आंखों के कॉर्निया पर ज्यादा दबाव और थकान के कारण सामने की चीजें धुंधली नजर आने लगती हैं।
इंफेक्शन और अंधापन का खतरा: लेंस को सही तरीके से साफ न करना या उसे ओवर-वियर (ज्यादा देर पहनना) करने से खतरनाक बैक्टीरिया आंखों में चले जाते हैं। गंभीर मामलों में यह कॉर्नियल अल्सर का रूप ले लेता है, जिससे आंखों की परमानेंट रोशनी भी जा सकती है।
कॉन्टैक्ट लेंस यूजर्स के लिए 5 ‘गोल्डन रूल्स’ (सावधानियां)
हाथों की स्वच्छता: कभी भी गंदे या बिना धुले हाथों से लेंस को न छुएं। लेंस लगाने और निकालने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोकर सुखा लें।
सॉल्यूशन से सफाई: हर बार इस्तेमाल के बाद लेंस को उसके निर्धारित स्टेरलाइज्ड सॉल्यूशन से ही साफ करें और केस में रखें। भूलकर भी साधारण पानी का इस्तेमाल न करें।
नो स्लीप पॉलिसी: लेंस लगाकर कभी भी झपकी न लें और न ही रात को सोएं।
आंखों को दें ‘लेंस फ्री’ टाइम: अगर आप कामकाजी हैं और दिनभर लेंस पहनते हैं, तो घर आने के बाद कुछ घंटे चश्मा पहनें और आंखों को पूरी तरह प्राकृतिक हवा लगने दें।
तुरंत डॉक्टर से मिलें: यदि आंखों में लगातार लाली, दर्द, पानी आना या धुंधलापन बना रहे, तो बिना देर किए तुरंत आई-स्पेशलिस्ट से परामर्श लें।




